भारत का कृत्रिम बंदरगाह कौन सा है? | Bharat ka kritrim bandargah

भारत में कई सालों जल मार्ग द्वारा आयात एवं निर्यात किया जा रहा है। जल मार्ग से आयात निर्यात करने के लिए कई बंदरगाह भी बनाए गए हैं जिसके माध्यम से आयात एवं निर्यात करने में काफी सुविधा मिलती है। ऐसे तो भारत में कई प्राकृतिक बंदरगाह है परंतु कई ऐसे कृत्रिम बंदरगाह भी है जो मानव द्वारा आयात एवं निर्यात की सुविधा के लिए बनाए गए हैं।

आज के इस लेख में हम बात करने वाले हैं कि भारत का कृत्रिम बंदरगाह कौन सा है? यदि आप भारत के कृत्रिम बंदरगाह से जुड़ी जानकारी पाना चाहते हैं तो इस लेख को पूरा जरूर पढ़ें।

बंदरगाह किसे कहते हैं? (What is Port?)

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बंदरगाह एक बड़े से किनारे को कहते हैं जहां पर बड़ी-बड़ी जहां से आकर रुकती हैं। बंदरगाह की द्वारा ही बड़ी-बड़ी जहाजों के माध्यम से देश-विदेश में आयात एवं निर्यात किए जाते हैं। बंदरगाह बड़े-बड़े समुंद्र, सागर एवं महासागर के किनारे बनाए जाते हैं। ताकि सामानों का आयात निर्यात आसानी से किया जा सके। बंदरगाह का उपयोग वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए किया जाता है।

कुछ बंदरगाह प्राकृतिक होते हैं और कुछ बंदरगाह मानव निर्मित होते हैं। बंदरगाह भी कई उद्देश्यों के लिए बनाए जाते हैं जैसे कोई बंदरगाह जहाजों की केवल रुकने का स्थान होता है और कुछ बंदरगाह के द्वारा सामानों का आयात निर्यात किया जाता है।

भारत का कृत्रिम बंदरगाह कौन सा है? (Which is the artificial port of India?)

भारत में कई कृत्रिम बंदरगाह हैं जिनमें से कुछ प्रमुख बंदरगाह इस प्रकार है:-

1. न्हावासेवा बंदरगाह

इस बंदरगाह को जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह भी कहा जाता है। नहावा शेवा बंदरगाह मुंबई बंदरगाह का सहायक बंदरगाह है। यह भारत का सबसे बड़ा कृत्रिम बंदरगाह है। यह बंदरगाह अरब सागर तट पर मुंबई के दक्षिण में स्थित प्रमुख बंदरगाह है। इस बंदरगाह पर विशेष रूप से माल वाले जहाजों का आना जाना होता है। यह बंदरगाह मुंबई के बंदरगाह के काम को कम करने के लिए बनाया गया है। जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह सन 1979 ईस्वी में अधिकृत किया गया था। यह देश के प्रमुख कंटेनर बंदरगाह है।

2. तूतीकोरिन बंदरगाह

यह बंदरगाह 1974 ईस्वी में खोला गया था। जोकि तमिलनाडु में स्थित है। यह बंदरगाह मद्रास पोर्ट भारत के सबसे पुराने बंदरगाहों में से एक है साथ ही यह भारत देश के सबसे बड़े बंदरगाहों में से एक माना जाता है। इस बंदरगाह का नया नाम वियो चिदंबरनार बंदरगाह है। सन 19 फरवरी 2011 को तमिलनाडु सरकार द्वारा इस बंदरगाह का नाम बदल दिया गया था। तूतीकोरिन बंदरगाह मन्नार की खाड़ी में स्थित है। यह बंदरगाह भी आयात एवं निर्यात करने का प्रमुख बंदरगाह माना जाता है।

3. चेन्नई बंदरगाह

चेन्नई बंदरगाह भारत का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है। मुंबई पोर्ट के बाद चेन्नई बंदरगाह ही भारत देश का सबसे बड़ा बंदरगाह है। साथ ही यह भारत का सबसे बड़ा कृत्रिम बंदरगाह है। चेन्नई बंदरगाह 125 वर्ष पुराना बंदरगाह है। इस बंदरगाह द्वारा सबसे अधिक आयात निर्यात किया जाता है। इस बंदरगाह से मूंगफली का तेल, तंबाकू, प्याज, कहवा, मैगनीज, चाय, मसाला,चमड़ा, नारियल इत्यादि प्रमुख निर्यात किए जाते हैं। यह सबसे बड़ा बंदरगाह होने के कारण इस बंदरगाह के मार्ग से कोलकाता, विशाखापट्टनम, कोलंबो, रंगून, पोर्ट ब्लेयर आदि जगहों से जुड़ा हुआ है।

4. एन्नोर बंदरगाह

यह चेन्नई का सहायक बंदरगाह है। यह भारत देश का सबसे पहला कंप्यूटर राय एवं निगमित बंदरगाह है। एन्नोर बंदरगाह चेन्नई बंदरगाह से 24 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर की ओर कोरोमंडल तट पर स्थित है। यह भारत का बारवा सबसे बड़ा पोर्ट है साथ ही भारत का सबसे पहला कॉरपोरेटिव कृत पोर्ट भी है।

भारत में कुल कितने बंदरगाह हैं? (How many ports are in India?)

भारत में कई प्राकृतिक एवं कृत्रिम बंदरगाह है। भारत में 13 प्रमुख समुद्री बंदरगाह है और लगभग 200 गए प्रमुख समुद्री बंदरगाह है। यह समुद्री बंदरगाह कई राज्यों में स्थित है।

bharat ka sabse prachin bandargah kaun sa hai

  • महाराष्ट्र
  • गुजरात
  • उड़ीसा
  • तमिलनाडु
  • दमन और दीव
  • आंध्र प्रदेश
  • अंडमान और निकोबार दीप समूह
  • केरल
  • कर्नाटक
  • पश्चिम
  • बंगाल
  • लक्ष्यदीप
  • पुदुचेरी
  • गोवा

भारत के कुछ प्रमुख बन्दरगाहों के नाम

बन्दरगाहों के नाम कृत्रिम/ प्राकृतिक समुद्र तट या खाड़ी राज्य या केंद्र.शा.प्र.
मुंबई प्राकृतिक अरबसागर महाराष्ट्र
पारादीप प्राकृतिक बंगाल की खाड़ी ओडिशा
चेन्नई कृत्रिम बंगाल की खाड़ी तमिलनाडु
विशाखापट्टनम प्राकृतिक बंगाल की खाड़ी आन्ध्र प्रदेश
कांडला प्राकृतिक कच्छ की खाड़ी गुजरात
मुर्मुगाव प्राकृतिक अरबसागर गोवा
न्हावाशेवा बंदरगाह (जवाहरलाल नेहरू) कृत्रिम अरबसागर महाराष्ट्र
कोचीन प्राकृतिक अरब सागर केरल
एन्नौर कृत्रिम बंगाल की खाड़ी तमिलनाडु
हल्दिया प्राकृतिक कोलकाता-हुगलीनदी पश्चिम बंगाल
तूतीकोरिन कृत्रिम बंगाल की खाड़ी तमिलनाडु
न्यू मंगलोर प्राकृतिक अरब सागर कर्नाटक
पोर्टब्लेयर प्राकृतिक बंगाल की खाड़ी अंडमान निकोबार द्वीप समूह

निष्कर्ष (Conclusion)

आज के इस लेख में हमने आपको बताया कि भारत का कृत्रिम बंदरगाह कौन सा है? उम्मीद है कि आपको इस लेख द्वारा भारत के बंदरगाह से संबंधित जानकारियां मिल पाए होंगे पुलिस डॉग यदि आपके मन में इस लेख से संबंधित कोई सवाल हो तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं।

FAQ

देश का सबसे पुराना कृत्रिम बंदरगाह कौन सा है?

सही उत्‍तर है → चेन्नई पोर्ट। चेन्नई पोर्ट, जिसे पहले मद्रास पोर्ट के नाम से जाना जाता था, मुंबई के न्हावा शेवा के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा कंटेनर पोर्ट है। यह पूर्वी तट पर सबसे पुराने कृत्रिम बंदरगाहों में से एक है।

एशिया का सबसे बड़ा बंदरगाह कौन सा है?

कांडला भारत के गुजरात राज्य के कच्छ जिले में स्थित देश का सबसे बड़ा बंदरगाह है। यह आयात-निर्यात के जरिए पूरी दुनिया से जुड़ा हुआ है। कांडला पोर्ट का प्रशासन कांडला पोर्ट ट्रस्ट के हाथों में है, जो पूरी तरह से भारत सरकार के जहाजरानी मंत्रालय द्वारा नियंत्रित है।

देश का सबसे बड़ा कृत्रिम बंदरगाह कौन है?

चेन्नई बंदरगाह भूमध्य रेखा पर स्थित है। चेन्नई बंदरगाह को पहले मद्रास बंदरगाह कहा जाता था। चेन्नई बंदरगाह भारत का सबसे बड़ा कृत्रिम बंदरगाह है।

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