इंटरनेट का जनक किसे माना जाता है? Internet ka Janak

नमस्कार दोस्तों, आज के समय हर चीज इंटरनेट के माध्यम से होती है। हर एक छोटी से छोटी चीज जुदा बड़ी से बड़ी चीज आज इंटरनेट के माध्यम से होती है आज के समय यह दुनिया इंटरनेट के बिना एक अधूरी दुनिया लगती है। एक बार सोच कर देखिए अगर इस दुनिया से कुछ टाइम के लिए इंटरनेट को बंद कर दिया जाए तो इस दुनिया का क्या हाल होगा।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंटरनेट का जनक किसे कहा जाता है आखिरकार किसने इसे इंटरनेट की खोज की थी तथा किस को सबसे पहली बार दुनिया के सामने दिखाया था, यह सारी जानकारी हम आपको इस पोस्ट में देने वाले हैं हम आपको बताने वाले हैं कि इंटरनेट का जनक किसे कहा जाता है तथा किसने इस इंटरनेट की खोज की थी जिसको आज पूरी दुनिया इस्तेमाल कर रही है तथा जिसके बिना आज के समय कुछ भी संभव नहीं है।

तो चलिए दोस्तों जानते हैं कि इंटरनेट का जनक या फादर ऑफ इंटरनेट किसे कहा जाता है।

इंटरनेट का जनक (internet ka Janak)

दोस्तों हमारे द्वारा हमेशा इस्तेमाल किया जाने वाले इंटरनेट के जनक सर टिम बर्नर्स ली को कहा जाता हैं।सर टिम बर्नर्स ली ने ही www की खोज की थी तथा उन्होंने NeXT नाम की एक वेबसाइट को 30 दिसंबर 1990 को पहली बार इंटरनेट पर लाइव किया था।सर टिम बर्नर्स ली का इंटरनेट के क्षेत्र में काफी बड़ा योगदान है, अगर यह नहीं होते तो पता नहीं आज के समय इंटरनेट होता है या फिर नहीं होता।

सर टिम बर्नर्स ली के जीवन के बारे में

सर टिम बर्नर्स ली का जन्म 8 जून 1955 को हुआ था, इनके पिता गणितज्ञ थे और सर टिम बर्नर्स ली अपने पिता के साथ इंग्लैंड में रहते थे। इंग्लैंड में ही उन्होंने अपने शिक्षा को पूरा किया तथा उन्हें बचपन से ही कंप्यूटर से काफी लगाव था वह बचपन में अपने एक दोस्त के साथ हैकिंग किया करते थे।

internet ke janak

सर टिम बर्नर्स ली के आविष्कार

सर टिम बर्नर्स ली ने WWW (वर्ल्ड वाइड वेब) कि खोज की थी उन्होंने पहली वेबसाइट को भी लाइव किया था, www के बिना इंटरनेट की कल्पना भी नहीं की जा सकती है, तो यह सर टिम बर्नर्स ली की इंटरनेट के चित्र में एक बहुत बड़ी उपलब्धि तथा खोज थी।

सर टिम बर्नर्स ली के सम्मान

सर टिम बर्नर्स ली का इंटरनेट के क्षेत्र में इतना बड़ा योगदान होने के के कारण उन्हें रॉयल सोसाइटी का सदस्य नियुक्त किया गया, इसके अलावा उन्हें उनके काम के लिए सन 2004 में नाइटहुड की उपाधि दी गई थी, उसके बाद जून 2007 में सर टिम बर्नर्स ली को इंग्लैंड में ऑर्डर ऑफ मेरिट का सम्मान भी दिया गया था, ऑर्डर ऑफ मेरिट इंग्लैंड का एक काफी बड़ा समान होता है जैसे भारत में भारत रतन होता है।

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हमने क्या सीखा

हमने आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताया कि द्वारा दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाले इंटरनेट की खोज किसने की थी तथा हमने आपको उसके जीवन के बारे में बताया कि उनका जन्म कहां पर हुआ था तथा उन्होंने कौन सी शिक्षा हासिल की उसके अलावा हमने आपको बताया कि उन्होंने अपने जीवन में इंटरनेट से संबंधित क्या-क्या खोज जी की है और उन्हें किन किन सम्मान से भी नवाजा गया उन सभी चीजों के बारे में हमने आपको इस पोस्ट में बताया है।

उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा लिखी गई है पोस्ट पसंद आई होगी इसे अपने दोस्तों की भी शेयर करें तथा नीचे हमें कमेंट करके अपनी राय जरूर दें।

धन्यवाद

इंटरनेट लोगों के बड़े पैमाने पर संचार का एक तरीका है, विभिन्न हितों से एकजुट है इसके लिए, इंटरनेट फ़ोरम, ब्लॉग और सोशल नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है। सोशल नेटवर्क एक प्रकार का इंटरनेट हेवन बन गया है, जहाँ हर कोई अपने आभासी बनाने के लिए तकनीकी और सामाजिक आधार ढूँढ सकता है।

कंप्यूटरों का अंतःसंजाल; अंतरताना; अंतरजाल 2. कंप्यूटर, मोबाइल फ़ोन आदि के माध्यम से परस्पर सूचनाओं के आदान-प्रदान का विश्वव्यापी तंत्र।

इन्टरनेट को बनाने का श्रेय तो वैसे अमेरिका के डिफेन्स डिपार्टमेंट को जाता हैं परन्तु इसके लिए जिन महानुभावों का दिमाग था उनके बारे में भी आपको जानना चाहिए। इसका पूरा श्रेय अमेरिका के कंप्यूटर वैज्ञानिक Vinton cerf & Bob Kahn को जाता हैं।

इंटरनेट का आविष्कार पहली बार 1969 में DOD (डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफेन्स) द्वारा किया गया था। इंटरनेट को यूसीएलए और स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट कंप्यूटरों को नेटवर्क करने और इंटरनेट पर सूचनाओं का आदान-प्रदान करने के लिए अमेरिकी रक्षा विभाग द्वारा संरचित किया गया था।

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