कबीर के गुरु कौन थे? | kabir das ke guru kaun hai

कबीर के गुरु कौन थे? | kabir das ke guru kaun hai

आज हम जानेंगे की कबीर कौन थे? और कबीर के गुरु कौन थे? गुरु हमें अंधकारमय जीवन से प्रकाश की ओर ले जाता है। गुरु एक दीपक की तरह है जो छात्रों के जीवन को रोशन करता है। शिक्षक विशेष रूप से छात्र के जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। गुरु छात्रों को विभिन्न विषयों पर जानकारी प्रदान करते हैं और उन्हें जीवन के विभिन्न चरणों में कठिनाइयों से निपटने के लिए सिखाते हैं।

कबीर दास या कबीर साहिब भारत में 15वीं शताब्दी के एक भारतीय कवि और संत थे। कबीर जी के दोहे आपने भी जरूर सुने और पढ़े होंगे। संत कबीर जी को मस्तमौला भी कहा जाता था तो चलिए अब विस्तार से जानते है की कबीर कौन थे?

कबीर कौन थे? | kabir das kaun hai

कबीर दास या कबीर साहिब एक कवि और संत थे।वह हिंदू साहित्य में भक्ति काल के दौरान भगवान की भक्ति के एक महत्वपूर्ण प्रवर्तक के रूप में दिखाई दिए। उनके लेखन ने हिंदू क्षेत्र में भक्ति आंदोलन को गहराई से प्रभावित किया है।

कबीर जी का जन्म सन् 1318 में हुआ था।सभी धर्मों के शास्त्र इस बात का प्रमाण देते हैं कि कबीर साहेब एक पूर्ण परमात्मा है।

कबीर साहब ने 6 ग्रंथ भी लिखे है जिसकी सूची नीचे है।

● कबीर दोहवाली
● कबीर शब्दावली
● कबीर साखी
● कबीर बीजक
● कबीर सागर
● कबीर ग्रंथावली

उस समय हिंदू और मुस्लिम धर्म के लोग कबीर साहेब को अपना दुश्मन मानते थे, क्योंकि अतीत में वे दोनों धर्मों के भगवान के बारे में जानकारी अपने इकतारा ले करके यह दावा करते थे कि हम सभी एक ईश्वर की संतान हैं।

कबीर एक शांत जीवन पसंद करते थे और अहिंसा, सत्य, सदाचार आदि जैसे गुणों को मानते थे। उनकी सादगी, पवित्रता और पवित्र चरित्र के लिए विदेशों में उनका सम्मान किया जाता है।

कबीर जी इतने प्रभावी थे तो उनके गुरु कितने प्रभावशाली होंगे तो चलिए अब जानते है की कबीर के गुरु कौन थे?

कबीर के गुरु कौन थे? | kabir das ke guru kaun hai

कबीर के गुरु कौन थे? | kabir das ke guru kaun hai

गुरु एक वास्तविक मार्गदर्शक है। शिक्षक हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। लोगों के लिए गुरु को भगवान से बढ़कर माना जाता है क्योंकि भगवान हमें जीवन देते हैं और गुरु हमें सिखाकर इस जीवन को ठीक से जीना सिखाते हैं

गुरु कबीर साहिब को लेकर लोगों की अलग-अलग राय है। कुछ लोग कहते हैं कि कबीर साहेब ख़ुद ज्ञान से परिपूर्ण है कि उन्हें फिर गुरु बनाने की क्या ज़रूरत थी, उन्होंने किसी को अपना गुरु नही बनाया था, उनका कोई गुरु नहीं है। हालांकि ये भ्रांतियां हैं। इसका कोई पुख्ता सबूत नहीं है।

कबीर जी ने दुनिया में गुरु और शिष्य की परंपरा आने वाले समय में भी चलती रहे उस कारण से उन्होंने भी गुरु को चुना था।

कबीर जी के गुरु स्वामी रामानंद जी थे। कबीर जी ने अपने कुछ ग्रंथो में अपने गुरु के बारे में बाते की है।कुछ लोग का मानना था की रामानंद जी और कबीर जी के विचार और शिक्षा विभिन्न थी तो यह कैसे संभव है की रामानंद जी कबीर जी के गुरु हो, रामानंद जी ही वास्तव में कबीर जी के गुरु थे।

निष्कर्ष

आशा है या आर्टिकल आपको बहुत पसंद आया हुआ इस आर्टिकल में हमने बताया (कबीर के गुरु कौन थे? | kabir das ke guru kaun hai) के बारे मे संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगे तो आप अपने दोस्तों के साथ भी Share कर सकते हैं अगर आपको कोई भी Question हो तो आप हमें Comment कर सकते हैं हम आपका जवाब देने की कोशिश करेंगे।

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