तुलसी माता को सिंदूर लगाना चाहिए?

नमस्ते दोस्तों, वैसे तो सभी भारतीय लोग तुलसी का पौधा अपने अपने घरों में लगाते हैं। हिंदू धर्म में धार्मिक परंपराओं की मान्यता को मानते हुए सभी भारतीय लोग तुलसी का पूजन भी करते हैं क्योंकि सनातन धर्म में तुलसी पूजा को विशेष स्थान दिया गया है। लेकिन जब हमारे घर में तुलसी का पूजन होता है तो यह देखा जाता है कि तुलसी माता को सिंदूर लगाया जाता है।

अकसर बड़े पंडित भी कहते है कि तुलसा माता को सिंदूर लगाना चाहिए। लेकिन हमारे मन में यह सवाल जरूर आता है कि यदि तुलसी माता को सिंदूर लगाना चाहिए तो क्यों लगाना चाहिए? तुलसी पूजन से सम्बंधित ऐसे बहुत सवाल है जो हमारे दिमाग में चलते रहते है।

उन सभी का जवाब आज हम आपको इस लेख में देंगे और आपको बताएँगे भी की इंसान को तुलसी अपने घर में लगानी चाहिए या नहीं और उनको सिन्दूर क्यों लगाना चाहिए। दोस्तों पूरी जानकारी लेने के लिए अंत तक बने रहे। चलिए शुरू करते है-

तुलसी माता कौन थी?

हमारी पौराणिक कथाओं में जानने को मिलता है कि तुलसी माता का पौधा अपने पूर्व जन्म में एक वृंदा नामक लड़की थी, जो कि राक्षस कुल में पैदा हुई थी।

वृंदा भगवान विष्णु को अपना आराध्य देवता मानती थी और उनकी भक्ति करती थी। वृंदा का विवाह दानव राज जलंधर के साथ हुआ था, जो कि राक्षस कुल का राजा था।

तुलसी का पौधे कैसे उत्पन्न हुआ?

एक बार जालंधर और देवताओं के बीच युद्ध हुआ था, जिसको भगवान विष्णु और देवताओं ने छल पूर्वक जीत लिया था। साथ ही जलंधर की हत्या कर दी थी। जिससे क्रोधित होकर वृंदा ने भगवान विष्णु को श्राप दे दिया था।

भगवान विष्णु और देवताओं जालंधर के कटे हुए सर को अग्नि में जलाकर राख कर दिया और उसमें राख से उत्पन्न हुए पौधे को भगवान विष्णु ने तुलसी का नाम दिया, जिसके कारण तुलसी के पौधे की उत्पत्ति हुई।

तुलसी माता को सिंदूर लगाना चाहिए? | tulsi mata ko sindoor lagana chahie ya nahin

tulsi mata ko sindoor lagana chahiye ki nahin
तुलसी का पौधा कब लगाना चाहिए | tulsi me sindur lagana chahiye

हमारे हिंदू धर्म में बहुत सारे देवी-देवताओं को सिंदूर लगाने का शास्त्रों में नियम बताया गया है। जो लोग तुलसी माता की पूजा करते हैं उनके सवाल होता है कि क्या तुलसी माता की पूजा करने के साथ हम उन्हें सिंदूर लगा सकते हैं या नहीं।

हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हमारे हिंदू धर्म में शास्त्र नियम के अनुसार माता तुलसी को सिन्दूर लगाने का प्रावधान है और आप जब भी उनकी पूजा करे तो आप उन्हें सिंदूर लगा सकते है।

ध्यान रहे सिंदूर पहले से कोई इस्तेमाल ना किया हो और सिंदूर साफ एवं स्वच्छ हो। इस प्रकार से आप तुलसी माता की आराधना के साथ उनका सिंगार करके सिंदूर लगाते है।

तुलसी माता की पूजा किस प्रकार से करते है?

सभी लोग अपने-अपने तरीके से तुलसी माता पूजन करते हैं। बहुत में से कुछ लोगों को इसका सही तरीका पता होता है और वे इसे पूरे विधि विधान से करते हैं। हिन्दू धर्म में तुलसी माता को विशेष प्रकार का महत्व दिया जाता है।

क्योंकि तुलसी माता भगवान विष्णु का ही एक अवतार माना गया है। तुलसी में सदैव भगवान विष्णु और माँ लक्ष्मी विराजमान रहती हैं। जब कोई व्यक्ति की पूजा करता है तो उनको सुख और समृद्धि प्रदान करती हैं इसलिए लोग तुलसी माता की पूजा करते हैं।

प्रातः सुबह उठकर स्नान करने के बाद पूजा पाठ करके जल लेकर तुलसी माता को प्रणाम करके अर्पित करना चाहिए। उसके पश्चात तुलसी की परिक्रमा भी करनी होती है। इस प्रकार से आप तुलसी माता को प्रसन्न कर सकते है।

तुलसी माता की पूजा करने से हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। नकारात्मक ऊर्जा का हमेशा नाश होता है तुलसी की पूजा करने से घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है। घर में तुलसी का पौधा लगाने से घर में औषधीय गुण उत्पन्न होते हैं जो हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होते हैं।

तुलसी की पूजा किस दिन नहीं करनी चाहिए

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी माता रविवार के दिन भगवान विष्णु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। रविवार के दिन इन्हें जल चढ़ाने से इनका व्रत टूट जाता है इसलिए इस दिन तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रविवार के दिन तुलसी के पौधे में जल चढ़ाने से नकारात्मक ऊर्जाओं का नाश होता है।

तुलसी मंत्र हिंदी में | tulsi mantra

sindoor ka ped
tulsi mata ka photo | tulsi mata ko sindoor lagana chahiye

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ॐ सुभद्राय नमः

ॐ सुप्रभाय नमः

तुलसी दल तोड़ने का मंत्र

मातस्तुलसि गोविन्द हृदयानन्द कारिणी

नारायणस्य पूजार्थं चिनोमि त्वां नमोस्तुते ।।

रोग मुक्ति का मंत्र

महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी

आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते।।

तुलसी स्तुति का मंत्र

देवी त्वं निर्मिता पूर्वमर्चितासि मुनीश्वरैः

नमो नमस्ते तुलसी पापं हर हरिप्रिये।।

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तुलसी में दीपक कब जलाना चाहिए?

इसके अलावा शाम के समय तुलसी के पेड़ से बने घी का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा करने से मां तुलसी प्रसन्न होती हैं। तुलसी को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है। इसलिए तुलसी को प्रसन्न करने से आपके घर में सदैव लक्ष्मी का वास रहता है और आपको धन की प्राप्ति होती है।

तुलसी में जल देने की विधि | tulsi vivah puja vidhi

  1. बिना स्नान किए कभी जल नहीं चढ़ाना चाहिए।
  2. तुलसी में जल चढ़ाने से पहले कुछ खाना नहीं चाहिए।
  3. मान्यता है कि तुलसी में जल चढ़ाते वक्त बिना सिलाई का एक कपड़ा पहनना चाहिए।
  4. तुलसी पर रविवार को जल नहीं चढ़ाना चाहिए, क्योंकि इस दिन मां तुलसी विश्राम करती हैं।
  5. तुलसी पर एकादशी पर जल नहीं अर्पित करना चाहिए, क्योंकि इस दिन तुलसी महारानी विष्णु जी के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
  6. तुलसी में बहुत अधिक पानी नहीं डालना चाहिए।
  7. तुलसी में सूर्योदय के वक्त जल देना शुभ होता है।
 

तुलसी की पूजा के नियम

तुलसी माता की पूजा के कुछ नियम है जो हमने नीचे बताए हैं।

  • तुलसी की पूजा नियमित रूप से और अच्छे मन से करनी चाहिए।
  • तुलसी को नियमित रूप से सुबह और शाम दोनों समय जल अर्पित करना जरूरी हैं।
  • तुलसी माता को घी का दीपक प्रज्वलित करना चाहिए।
  • तुलसी की पूजा चप्पल आदि पहनकर नही होनी चाहिए।
  • तुलसी माता के आसपास की जगह साफ रहना चाहिए।
  • तुलसी की पूजा करने के पश्चात परिक्रमा भी लगानी लगाए।

तुलसी की पूजा करने के फायदे

  • जिस घर में तुलसी की पूजा करते हैं। वहा हमेशा के लिए सुख शांति बनी रहती हैं।
  • तुलसी की पूजा करने से घर में मानसिक -समृद्धि बनी रहती हैं।
  • तुलसी माता की पूजा करने से घर में पवित्रता बनी रहती हैं। तथा हमेशा सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती हैं।
  • तुलसी माता की पूजा करने से घर के कलह और अशांति से छुटकारा मिलता हैं।
  • घर में तुलसी माता की नियमित पूजा करने से उस घर में माता लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती हैं। 

निष्कर्ष

दोस्तों, आज के इस लेख के माध्यम से हमने आपको यह बताया की तुलसी माता को सिंदूर लगाना चाहिए या नहीं (tulsi ji ko sindoor lagana chahie ki nahin) तथा तुलसी माता की पूजा कैसे की जाती है इसके बारे में भी बताया हैं।

हम आशा करते है कि यह आर्टिकल आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा। यदि आप कोई सवाल पूछना चाहते है तो कमेंट बॉक्स में कमेंट कर सकते है।

FAQ

तुलसी विवाह कब है 2023 (tulsi vivah kab hai)

शुक्रवार, 24 नवंबर 2023

तुलसी विवाह कब है 2024 (tulsi vivah kab hai)

बुधवार, 13 नवंबर – 2024

गुरुवार को तुलसी में क्या चढ़ाना चाहिए?

भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए गुरुवार के दिन स्नान करके तुलसी की जड़ को कच्चे दूध से सींचना चाहिए। इसका मतलब है कि तुलसी में कच्चा दूध चढ़ाना चाहिए। इसके बाद शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से तुलसी माता प्रसन्न होती हैं और तुलसी को देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है।

अमावस्या के दिन सिंदूर लगाना चाहिए कि नहीं?

जी हां, आप अमावस्या के दिन सिंदूर लगा सकते हैं। हिंदू सनातन धर्म में शुद्ध वर्ष में कुल 12 अमावस्याएं आती हैं। इस दिन कुछ महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत आदि करती हैं। ऐसा माना जाता है की अमावस्या के दिन कोई स्त्री व्रत आदि करके भगवान विष्णु की पूजा करती हैं।

तुलसी माता को कैसे खुश करें?

प्रतिदिन तुलसी की पूजा और पौधे को जल अर्पित करना हमारी प्राचीन परंपरा है। जिस घर में प्रतिदिन तुलसी की पूजा की जाती है, वहां सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। पैसों की कभी कमी नहीं होती है। इसलिए हमें प्रतिदिन विशेष रूप से तुलसी की पूजा करनी चाहिए।

तुलसी की पूजा करते समय क्या बोलना चाहिए?

प्रतिदिन तुलसी की पूजा करने से व्यक्ति को धन, धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसलिए तुलसी की पूजा करते समय अपनी मनोकामनाओं का ध्यान करते हुए तुलसी मां के इन दो दिव्य मंत्रों का जाप करना चाहिए। इससे जातक की मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है।

तुलसी का पौधा किसी को देना चाहिए या नहीं?

तुलसी धार्मिक रूप से पूजी जाती है, औषधीय रूप से यह गुणों की खान है, इसे देने से मानसिक और प्राकृतिक रूप से सकारात्मकता ही फैलती है, इसलिए किसी को भी तुलसी का पौधा देना वर्जित नहीं होना चाहिए। क्या घर में तुलसी का पौधा होना जरूरी है?

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