बल का मात्रक क्या होता है? | bal ka matrak kitna hota hai

बल का मात्रक क्या होता है? | bal ka matrak kitna hota hai

बल वह बाहरी कारक है, जो किसी वस्तु की प्रारंभिक अवस्था अर्थात विराम अवस्था या एक सरल रेखा में एक एकसमान गति की अवस्था को परिवर्तित कर सकता है, उसे बल कहते हैं।

बल किसी भी रुकी हुई अथवा थमी हुई वस्तु में परिवर्तन ला सकता है जब कोई वस्तु किसी भी सीधे रस्ते पे चल रही होती है तो उसे रोकने के लिए या उसकी गति को और तेज करने के लिए जिस कारक का उपयोग किया जाता है उसे ही बल कहते है । बल किसी भी वस्तु पर उसके द्रव्यमान और वजन और आकार के हिसाब से अलग अलग लगता है क्योंकि बल के परिमाण और दिशा दोनों होती है यह एक सदिश मात्रा है अर्थात बल एक सदिश राशि है।

बल क्या है?

वह धक्का या खिंचाव जो किसी वस्तु की स्थिति को बदल देता है, बल कहलाता है। बल को उस के रूप में भी परिभाषित किया जा सकता है
“वह बाह्य कारक, जो एकसमान वेग से किसी वस्तु या गति की अवस्था को बदलने का कारण बनता है या बदलने का प्रयास करता है। वह बाहरी कारक बल कहलाता है। इसे F द्वारा दर्शाया जाता है। बल एक सदिश राशि है।

सामान्य तौर पर बल अनेक प्रकार के होते है जैसे:-

  • पेशी बल
  • यांत्रिक बल
  • घर्षण बल
  • गुरुत्वाकर्षण बल
  • विद्युत बल
  • चुंबकीय बल
बल का मात्रक क्या होता है? | bal ka matrak kitna hota hai
बल का मात्रक है? | bal ka matrak likhiye

मुख्य तौर पर बल दो प्रकार के होते है:-

  • सम्पर्क बल
  • असम्पर्क बल

1. संपर्क बल:- जब एक सतह दूसरी सतह के संपर्क में आती है तब बल लगता है उसे संपर्क बल कहते हैं ।
उदाहरण – एक हाथ ठेले वाला अपने ठेले को धक्का देता है |

2. असम्पर्क बल:- जब एक सतह दूसरी सतह के बिना संपर्क में आए बल लग सकता हो उस बल को संपर्क बल कहते हैं ।
उदाहरण – सिक्के को उछालने पर नीचे की और गिरना |

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बल ज्ञात करने के लिए निम्न सूत्र प्रयोग करते है:-

बल = द्रव्यमान × त्वरण
F=ma

बल का मात्रक क्या है? | bal ka matrak kya hota hai

bal ka si matrak kya hai
बल का मात्रक क्या है? | bal ka si matrak kya hai

बल का SI मात्रक न्यूटन है।
मीटर–किग्रा–सेकेण्ड पद्धति में बल का मात्रक न्यूटन कहलाता है।
सेण्टीमीटर–ग्राम–सेकेण्ड में बल का मात्रक डाइन कहलाता है।
1 डाइन = 1 ग्राम–सेमी./सेकेण्ड2
1 न्यूटन = 1 किग्रा.–मीटर/सेकेण्ड2
1 न्यूटन = 105 डाइन

बल की विशेषताएं

किसी वस्तु पर बल लगाने के पश्चात वस्तु में निम्न प्रकार के परिवर्तन देखे जा सकते हैं:-

  • किसी गतिशील वस्तु का वेग घट सकता है अथवा बढ़ सकता है।
  • वस्तु का रूप व आकार दोनों बदल सकते हैं।
  • गतिशील वस्तु की दिशा में परिवर्तन हो सकता है।

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बल के उपयोग

हमारे आम जीवन मे बल के अलग अलग तरीको से अनेक उपयोग किये जाते है जिनमे से कुछ निम्नलिखित है:-

  • दरवाजे को खोलने या बंद करने के लिए खीचना अथवा धकेलना।
  • चलती हुई वाहन को रोकने के लिए ब्रेक लगाना।
  • किसी रुकी हुई वस्तु को धक्का मारना जिससे की वह चलने लगे।
  • ऊपर से गिरती हुई कोई वस्तु गुरुत्वाकर्षण की वजह से जमीन पे आ गिरती है यह भी बल है।
  • तराजू का एक तरफ झुक जाना आदि

निष्कर्ष

आशा है या आर्टिकल आपको बहुत पसंद आया हुआ इस आर्टिकल में हमने बताया बल का मात्रक लिखिए | bal ka matrak kya hai के बारे मे संपूर्ण जानकारी देने की कोशिश की है अगर यह जानकारी आपको अच्छी लगे तो आप अपने दोस्तों के साथ भी Share कर सकते हैं अगर आपको कोई भी Question हो तो आप हमें Comment कर सकते हैं हम आपका जवाब देने की कोशिश करेंगे।

FAQ

बल का मात्रक क्या होता है?

बल का SI मात्रक न्यूटन है। परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने और शंकाओं को दूर करने में आपकी सहायता के लिए विशेषज्ञों द्वारा चरण-दर-चरण समाधान

SI पद्धति में उत्प्लावन की इकाई क्या है?

मात्रक किलोग्राम मीटर^-3 होता है.

बल का si मात्रक क्या है

बल के सूत्र की यदि हम बात करे तो बल का सूत्र होता है:-

बल = द्रव्यमान x त्वरण
बल की SI इकाई न्यूटन होती है

1 newton mein kitne dyne hote hain

1 newton me 10000 dyne hote hain