जर्मनी के एकीकरण में बाधाएं क्या थी? | Germany Ke Ekikaran

जब हम किसी भी देश के इतिहास को पढ़ते हैं, यदि आपकी भी इतिहास पढ़ने के अंतर्गत रुचि है, तो आपको भी पता होगा कि जर्मनी का एकीकरण हमारी इतिहास का एक आखिरी महत्वपूर्ण टॉपिक रहा है। तो ऐसे में कई अलग-अलग प्रकार की परीक्षाओं के अंतर्गत यह सवाल अक्सर पूछा जाता है कि जर्मनी के एकीकरण की बाधाएं क्या थी। (germany ke ekikaran ki badhai kya the) ऐसी परिस्थिति के अंतर्गत बहुत से लोगों को इस सवाल का जवाब पता नहीं होता है।

यदि आपको भी इसके बारे में जानकारी नहीं है, तो हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से इससे जुड़ी संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं, कि जर्मनी के एकीकरण में कौन-कौन सी बाधाएं आई थी।

जर्मनी के एकीकरण में बाधाएं क्या थी? (germany ke ekikaran ki badhai kya thi)

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जर्मनी का एकीकरण कब हुआ था | germany ke ekikaran ka janak kise mana jata hai

जर्मनी का एकीकरण पृथ्वी के इतिहास का एक अन्य महत्वपूर्ण टॉपिक माना जाता है, और आज के समय जर्मनी दुनिया के विकसित देशों की सूची के अंतर्गत काफी ऊपर आता है। तो सबसे पहले हम जर्मनी के एकीकरण की बाधाओं से पहले जर्मनी के एकीकरण पर नजर डाल लेते हैं।

सन 1971 से पहले यूरोप के अंतर्गत तथा मध्य यूरोप के क्षेत्र के अंतर्गत सभी अलग अलग राज्य स्वतंत्र होते थे, और उन्हीं स्वतंत्र राज्यों को मिलाकर जर्मनी देश को बनाया गया था। और इसी को जर्मनी का एकीकरण कहा जाता है, तथा इस दौरान जर्मनी ने अलग-अलग प्रकार की बाधाओं तथा समस्याओं का सामना किया था, जिनके बारे में नीचे विस्तार से जानकारी दी गई है:-

1. जर्मन भाषा क्षेत्रों के बीच विरोध

जब जर्मनी का एकीकरण हो रहा था तो उस समय काफी बड़ी समस्या जर्मनी के सामने निकल कर आ रही थी वह यह थी, कि अलग-अलग भाषा क्षेत्रों के द्वारा एक-दूसरे के प्रति विरोध किया जा रहा था, अलग-अलग भाषाओं वाले राज्य अपना एक अलग देश की डिमांड कर रहे थे, तथा जर्मनी में शामिल नहीं होना चाहते थे।

जर्मन भाषा वाले लोगों को तो इस एकीकरण से कोई ज्यादा समस्या नहीं हो रही थी, लेकिन अन्य भाषा बोलने वाले वर्गों को इस एकीकरण से काफी समस्या हो रही थी, तथा इसका काफी विरोध कर रहे थे, तो इसी में उस समय जर्मनी के सामने काफी बड़ा चुनौतीपूर्ण समय था, तथा यह उनके बीच काफी बड़ी बाधा थी।

2. फ्रांस का एकीकरण के विचार पर विरोध का होना

दोस्तों जर्मनी का एकीकरण होने से पहले फ्रांस के अंतर्गत भी विरोध चालू हो चुका था, तथा उस समय फ्रांस के अंतर्गत इस एकीकरण के खिलाफ काफी विरोध किया जा रहा था, फ्रांस दक्षिण के अंतर्गत जर्मन अपने अलग-अलग देशों की डिमांड कर रहे थे, इसके अलावा अलग क्षेत्र में अलग-अलग प्रकार के विरोध हो रहे थे।

तो ऐसे में फिर जब जर्मनी के एकीकरण की बात होने लगी, तो उसके अंतर्गत भी लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया तथा इसके पीछे का प्रमुख कारण फ्रांस के एकीकरण के खिलाफ विरोध भी रहा था, जिस तरह से फ्रांस के अंतर्गत एकीकरण के खिलाफ विरोध हो रहा था, उसी तरह से फिर धीरे-धीरे जर्मनी के अंतर्गत भी इसके खिलाफ विरोध होना शुरू हो गया था, तथा यह जर्मनी के एकीकरण में काफी महत्वपूर्ण बातों में से एक है।

3. सभी 39 राज्यों का एकजुट हो जाना

जैसा कि आपको पता होगा कि उस समय मध्य जर्मनी ने अलग-अलग 29 राज्यों के अंतर्गत बैठा हुआ था, तथा भाई सभी राज्य एकजुट नहीं होना चाहते थे। हालांकि बस अभी राज्य जर्मन संघ के अंतर्गत तो आते थे, लेकिन उन सभी राज्यों की यही डिमांड थी, कि वह स्वतंत्र रहना चाहते हैं, तथा वे जर्मनी के अंतर्गत शामिल नहीं होना चाहते हैं, और सभी के विचारों के अंतर्गत अलग-अलग प्रकार की विभिन्नता थी, उनकी सभी की अलग-अलग प्रकार की डिमांड थी, तो ऐसे में जर्मनी के एकीकरण में काफी महत्वपूर्ण बाधा थी।

4. पड़ोसी देश ऑस्ट्रिया के द्वारा भी जर्मनी के एकीकरण का विरोध होना

उस समय जर्मनी के पड़ोसी देश ऑस्ट्रिया के द्वारा जर्मनी के अंतर्गत हो रहे एकीकरण के खिलाफ काफी ज्यादा विरोध किया जा रहा था, तथा उस समय जर्मनी के एकीकरण का यह सबसे बड़ा विरोधक माना जा रहा था, यदि एक नया जर्मनी तथा एक स्वतंत्र जर्मनी बन जाएगा, तो उसके बाद ऑस्ट्रिया को भी इस का नुकसान उठाना पड़ सकता है, और उसे भी अपनी जमीन को खोना पड़ सकता है, तो ऐसे में ऑस्ट्रिया को उस समय काफी डर लग रहा था, तो ऐसे में वह उसके खिलाफ विरोध में था।

वैसे तो जर्मनी के एकीकरण में अलग-अलग प्रकार की अनेक बाधाएं आई थी, लेकिन मुख्य रूप से यही चार बाधाएं जर्मनी के एकीकरण के अंतर्गत प्रमुख थी, जिनके बारे में हमने ऊपर आपको विस्तार से जानकारी दी है।

निष्कर्ष

तो इस पोस्ट के अंतर्गत हमने आपको विस्तार से बताया था, कि जर्मनी का एकीकरण क्या है, किसके द्वारा जर्मनी का एकीकरण किया गया था, जर्मनी के एकीकरण के अंतर्गत कौन-कौन सी बाधाएं आई थी, (germany ke ekikaran ki badhai kya thi), तथा जर्मनी का एकीकरण कब किया गया था।

हम यही उम्मीद करते हैं कि आपको इस पोस्ट के माध्यम से जर्मनी के एकीकरण से संबंधित सभी प्रकार के सवालों का जवाब मिल गया होगा, तथा इसके माध्यम से आपको कुछ नया जानने को मिला होगा।

जर्मनी का एकीकरण कब हुआ था?

अक्षर अलग-अलग प्रकार की परीक्षाओं के अंतर्गत किए भी सवाल पूछा जाता है कि जर्मनी का एकीकरण कब हुआ था तो आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं कि जर्मनी का एकीकरण 3 अक्टूबर 1990 को हुआ था।

इटली, जर्मनी के एकीकरण में ऑस्ट्रिया की क्या भूमिका थी?

इटली के एकीकरण के दौरान, जर्मन क्षेत्र में इसी तरह की प्रक्रियाएँ चल रही थीं। ऑस्ट्रिया इटली के एकीकरण के मार्ग में बाधक बना रहा। 1830 की क्रांति के बाद इटली में भी नागरिक आंदोलन शुरू हुए। मैजिनी ने उत्तरी और मध्य इटली में एक एकीकृत गणराज्य स्थापित करने के लिए इन नागरिक आंदोलनों का उपयोग करने का प्रयास किया। लेकिन इन राष्ट्रवादी नागरिक आंदोलनों को ऑस्ट्रियाई चांसलर मेटर्निच द्वारा दबा दिया गया, जिससे इटली का एकीकरण रुक गया। जर्मनी में भी राष्ट्रवादी भावनाओं को कुचलने के लिए आस्ट्रिया ने मैटरनिख के दमनकारी कानूनों को कसावद नाम से जारी किया। अतः ऑस्ट्रिया दोनों देशों के एकीकरण में बाधक था।

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