इलेक्ट्रॉन (Electron) की खोज किसने की, कब और कैसे हुई?

इलेक्ट्रॉन (Electron) की खोज किसने की, कब और कैसे हुई?

नमस्कार दोस्तों, दोस्तों आपने परमाणु के बारे में तो सुना ही होगा या फिर स्कूल में पढ़ा होगा, आपको पता होगा कि परमाणु इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन और न्यूट्रॉन से मिलकर बना होता है। इसमें इलेक्ट्रॉन परमाणु के चारों तरफ चक्कर लगाता है।

दोस्तों क्या आप जानते हैं कि आखिरकार इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की थी अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की थी तो आपको इस पोस्ट के माध्यम से सारी जानकारी मिलने वाली है।

तो चलिए दोस्तों जानते हैं कि इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की थी

इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की

इलेक्ट्रॉन की खोज “जे. जे. थॉमसन” (Sir Joseph John Thomson) नामक वैज्ञानिक ने की थी, जे. जे. थॉमसन (Sir Joseph John Thomson) ने बोर मॉडल दिया था जिसमें उन्होंने बताया था कि परमाणु एक उदासीन गोला होता है जिसमें इलेक्ट्रॉन बसे हुए रहते हैं उन्होंने इसे समझाने के लिए तरबूज का उदाहरण भी दिया था कि जिस तरह से तरबूज में उसकी बीज होते हैं 

उसी तरह परमाणु में इलेक्ट्रॉन होते हैं लेकिन उनका यह मॉडल आगे चलकर गलत साबित कर दिया गया था, जब रदरफोर्ड ने अपना इलेक्ट्रॉन का मॉडल दिया तो उन्होंने यह सिद्ध किया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन उसके चारों तरफ पाए जाते हैं ना कि उसके बीच में परमाणु के बीच का स्थान रिक्त होता है तथा उसमें किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉन नहीं होते है।

जे जे थॉमसन ने बाद में इस इलेक्ट्रॉन का द्रव्यमान भी ज्ञात किया था जो कि 1.6 × 10−19 कुलम्ब (C)  एवं  9.109 × 10−31 कि. ग्रा. (kg)  प्राप्त हुआ था।

जे. जे. थॉमसन (Sir Joseph John Thomson) इसके अलावा भी अपने जीवन में अनेक प्रयोग किए थे तथा उन पर अध्ययन किया था। जे. जे. थॉमसन (Sir Joseph John Thomson) के द्वारा इलेक्ट्रॉन की खोज एक काफी बड़ी उपलब्धि थी, क्योंकि विज्ञान के क्षेत्र में तथा एक परमाणु में इलेक्ट्रॉन का बहुत बड़ा महत्व होता है इलेक्ट्रॉन किसी भी परमाणु के चारों तरफ लगातार घूमता रहता है, जे. जे. थॉमसन (Sir Joseph John Thomson) के द्वारा दी जब परमाणु की खोज हो गई तो उस पर अध्ययन शुरू हो गया उसके बाद परमाणु से जुड़े अनेक सिद्धांत सामने आए, तथा परमाणु से जुड़ी अनेक चीजों पर अध्ययन किया गया था।

इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की

परमाणु किसी भी तत्व का एक बहुत छोटा भाग होता है जिसे आंखों से तो देखा ही नहीं जा सकता है, ओर उस परमाणु के अंदर ही इलेक्ट्रॉन पाया जाता है। हमारे आस पास जितनी भी वस्तुएं हैं वह परमाणु से मिलकर बनी होती है। तथा वह परमाणु इलेक्ट्रॉन न्यूट्रॉन तथा प्रोटोन से मिलकर बने होते हैं।

तो इस तरह से यह सारी चीजें काम करती है उम्मीद है कि आप वह सब कुछ समझ आ गया होगा।

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हमने क्या सीखा

तो दोस्तों हमने आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताया कि इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की थी तथा जे जे थॉमसन ने कौन सा मॉडल दिया था उस मॉडल को किस तरह से रदरफोर्ड की मॉडल ने आगे चलकर गलत सिद्ध कर दिया था यह सारी जानकारी आपको इस आर्टिकल में दी गई है।

उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा दी गई है जानकारी पसंद आई होगी इसे अपने दोस्तों के बीच शेयर करें तोता है नीचे हमें कमेंट करके अपनी राय दें।

धन्यवाद

FAQ

इलेक्ट्रॉन की खोज किसने की थी और कब की थी?

इलेक्ट्रॉन की खोज सर जे जे थॉमसन (सर जोसेफ जॉन थॉमसन) ने 1897 में कैथोड किरणों की जांच के दौरान की थी।

इलेक्ट्रॉन की परिभाषा क्या है?

एक इलेक्ट्रॉन या इलेक्ट्रॉन (प्राचीन ग्रीक:, लैटिन, अंग्रेजी, फ्रेंच, स्पेनिश: इलेक्ट्रॉन, जर्मन: इलेक्ट्रोन) एक नकारात्मक विद्युत आवेश वाला एक मौलिक उप-परमाणु कण है। यह परमाणु में नाभिक के चारों ओर चक्कर लगाता है। इसका द्रव्यमान सबसे छोटे परमाणु (हाइड्रोजन) से भी हजार गुना कम है।

इलेक्ट्रॉन की खोज कितने सन में हुई थी?

इलेक्ट्रॉन की खोज वैज्ञानिक जे. जे. थॉमसन ने सन 1897 में कैथोड किरणों द्वारा की थी। (discovery of electron in Hindi) इलेक्ट्रॉन पर आवेश 1.6 × 10-19 कूलाम होता है।

इलेक्ट्रॉन कहां से आते हैं?

इलेक्ट्रॉनों को रेडियोधर्मी समस्थानिकों के बीटा क्षय और उच्च-ऊर्जा टकरावों के माध्यम से बनाया जा सकता है, उदाहरण के लिए जब ब्रह्मांडीय किरणें वायुमंडल में प्रवेश करती हैं। एक इलेक्ट्रॉन के एंटीपार्टिकल को पॉज़िट्रॉन कहा जाता है; यह इलेक्ट्रॉन के समान है सिवाय इसके कि यह विपरीत चिन्ह का विद्युत आवेश वहन करता है।