Face value क्या होती है? फेस वैल्यू का महत्व

Face value क्या होती है – शेयर मार्केट में बहुत सारे terms का प्रयोग किया जाता है – जैसे stock split, dividend, share buyback इत्यादि। शेयर मार्केट की शब्दावली में से face value भी एक महत्वपूर्ण term है। क्या आप जानते हैं कि face value क्या होती है? फेस वैल्यू का महत्व क्या है?

यदि नहीं, तो आप इस लेख को आखिर तक जरूर पढ़ें, क्योंकि आज के इस लेख मे आप face value क्या होती है? फेस वैल्यू का महत्व क्या है? इसके बारे में विस्तृत रूप से जानकारी प्राप्त करेंगे। तो चलिए इस लेख को शुरू करें –

फेस वैल्यू क्या होता है? (face value kya hoti hai meaning)

जब भी कोई कंपनी अपना IPO जारी करती है तो वह सबसे पहले एक share की कीमत अर्थात value को निर्धारित करती है। इस value को face value कहा जाता है। फेस वैल्यू को अंकित मूल्य या MRP भी कहा जाता है।

यदि आप शेयर मार्केट से जुड़े हैं तो आपने देखा होगा कि जब भी कोई IPO लॉन्च होता है तो कंपनी face value से अधिक कीमत पर अपने stock offer करती है। लेकिन face value हमेशा फिक्स रहती है। फेस वैल्यू का शेयर के market price से कोई संबंध नहीं होता। Face value  ₹1, ₹5 ,₹10 यहां तक की ₹100 भी हो सकती है। अधिकतर shares की फेस वैल्यू ₹10 ही रहती है।

Face value कंपनी अपनी इच्छा के अनुसार तय करती है। इसमें बाजार की regulatory SEBI का पैमाना नहीं रहता।

Face value example

फेस वैल्यू को उदाहरण की मदद से समझते हैं :-

यहां पर हम IRFC कंपनी को उदाहरण के तौर पर लेते हैं। जब IRFC कंपनी ने IPO लॉन्च किया था तो उस समय इसकी face value ₹10 रखी गई थी, परंतु IRFC का एक share 25 से ₹26 के प्राइस बैंड के साथ issue किया गया था।

Issue price और face value के बीच का अंतर premium होता है जो कि कंपनी investor से चार्ज करती है। इस प्रकार से फेस वैल्यू तय करने का कोई पैमाना नहीं होता। इसीलिए कंपनी अपनी इच्छा के अनुसार face value तय करती है और market premium पूरी तरह से कंपनी के प्रॉफिट, भविष्य और ग्रोथ पर निर्भर करता है।

फेस वैल्यू कैसे निकालते हैं?

किसी stock के fundamental analysis में face value का कोई विशेष महत्व नहीं होता है। फेस वैल्यू कंपनी अपनी इच्छा के अनुसार तय कर सकती है। किसी कंपनी की फेस वैल्यू ₹1, दो रुपए ₹5, ₹10 या ₹100 भी हो सकती है। निम्न formula से फेस वैल्यू निकाली जाती है :-

Face value = equity share capital / number of outstanding shares

फेस वैल्यू का महत्व

Face value के महत्व कई सारे है 

  • डिविडेंड पेमेंट के लिए

डिविडेंड की calculation करने के लिए face value बहुत जरूरी होता है। Face value को आधार मानकर भी dividend घोषित किया जाता है। यदि किसी कंपनी की फेस वैल्यू ₹10 है तो उस कंपनी ने 150% का dividend घोषित किया है इसका मतलब हुआ कि कंपनी एक शेर पर 15 रुपए का डिविडेंड देगी।

  • Stock split के लिए

यदि कोई कंपनी स्टॉक split करने की घोषणा करती है तो split के अनुपात में face value में भी बदलाव आता है। उदाहरण के लिए किसी कंपनी के share का मूल्य ₹1000 है और उसकी face value ₹10 है। यदि कंपनी एक share को split करने का decision लेती है तो उस शेयर की face value ₹5 हो जाएगी।

  • शेयर प्रीमियम कैलकुलेट करने के लिए

Face value का प्रयोग share premium calculate करने के लिए भी किया जाता है।

फेस वैल्यू कैसे check करें? (Face Value kaise check kare)

किसी भी share की face value आप कंपनी के financial statement अर्थात बैलेंस शीट से check कर सकते हैं। इसके अलावा बहुत सारी ऐसी वेबसाइट है जो share का पूरा डाटा देता है जैसे moneycontrol, value research इत्यादि। आप इन वेबसाइट के माध्यम से भी फेस वैल्यू चेक कर सकते हैं।

इसके अलावा NSE की आधिकारिक वेबसाइट पर भी कंपनियों के face value की जानकारी उपलब्ध होती है।

क्या share की face value बदल सकती है?

साधारण तौर पर कंपनी के share की face value  में कोई भी बदलाव नहीं होता है। किसी भी कंपनी के share की face value तब बदलता है यदि कंपनी share को split करने का फैसला लेती है। Stock split के अनुपात में share की face value बदल जाती है।

फेस वैल्यू कितना होना चाहिए?

जैसा कि हमने आपके ऊपर के लेख में बताया है कि फेस वैल्यू को कंपनी निर्धारित करती है। इसलिए इसके ज्यादा या कम होने से कोई खास फर्क नहीं पड़ता है। Market value और face value का आपस में कोई संबंध नहीं होता। इसीलिए shares का चुनाव करते समय face वैल्यू को इतना महत्व नहीं देना चाहिए।

Face Value और Book Value में अंतर

किसी भी कंपनी की बुक वैल्यू वह value होती है जो कंपनी के समापन पर share holder को मिलता है। बुक वैल्यू को कंपनी की कुल assets में से कुल दायित्व को निकाल कर total outstanding shares का भाग लगाकर निकाला जाता है।

Book value per share = total assets – ( Intangible assets + total liabilities) / total outstanding shares

फेस वैल्यू एक share का मूल्य होता है जो कि fix होता है जबकि बुक वैल्यू में बदलाव होते रहते हैं और बुक वैल्यू investor के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है।

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Face value से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

लिए face value से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण term को जान लेते हैं :-

  • जब स्टॉक फेस वैल्यू से अधिक मूल्य पर ट्रेड कर रहा हो तो उसे trading at a premium कहते हैं।
  • जब stock फेस वैल्यू से कम कीमत पर trade कर रहा हो तो उसे trading at a discount कहते हैं।
  • फेस वैल्यू को nominal value या PAR value भी कहा जाता है और इसे short में FV भी कहते हैं।

FAQ’s

Q.1 क्या फेस वैल्यू ₹1 से कम हो सकती है?

Ans. नहीं, फेस वैल्यू ₹1 से कम नहीं हो सकती। फेस वैल्यू का न्यूनतम मूल्य ₹1 sebi के द्वारा निर्धारित किया गया है।

Q.2 फेस वैल्यू को हिंदी में क्या कहते हैं?

Ans. Face value को हिंदी मे अंकित मूल्य कहते हैं।

Q. 3 बुक वैल्यू और फेस वैल्यू में क्या अंतर है?

Ans. बुक वैल्यू और फेस वैल्यू में अंतर जानने के लिए ऊपर दिये गये लेख को पढ़े।

Q. 4 face value कैसे निकालते हैं?

Ans. फेस वैल्यू निकालने का सूत्र ऊपर के लेख में दिया गया है। फेस वैल्यू निकालने के लिए ऊपर के लेख को पढ़ें।

Q. 5 बुक वैल्यू क्या है?

Ans. किसी भी कंपनी की कुल assets और उसकी कुल देनदारी के बीच का शुद्ध अंतर बुक वैल्यू कहलाता है।

निष्कर्ष

दोस्तों, आज के इस लेख के माध्यम से हमने जाना कि Face value क्या होती है? फेस वैल्यू का महत्व क्या है?

हमें उम्मीद है कि अब आप सब face value के बारे में समझ गए होंगे। यदि आप शेयर मार्केट में नए हैं और शेयर मार्केट से जुड़ी किसी भी अन्य विषय पर जानकारी चाहते हैं तो हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं। हम आपके द्वारा सुझाए गए विषय पर लेख प्रस्तुत करेंगे।

ऊपर दिए गए लेख से संबंधित अगर कोई प्रश्न आपके मन में है या आप हमें कोई सुझाव देना चाहते हैं तो हमें नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके अवश्य बताएं। हम आपके द्वारा किए गए कमेंट पर जरूर reply करेंगे। यदि यह लेख आपको पसंद आया है तो इसे अधिक से अधिक लोगों तक जरूर पहुंचाएं।

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