पूर्णिमा के व्रत में नमक खाना चाहिए या नहीं

पूर्णिमा के व्रत में नमक खाना चाहिए या नहीं

नमस्कार दोस्तों, पूर्णिमा का व्रत हिंदू धर्म के अंतर्गत एक काफी बड़ा व्रत माना जाता है।, दोस्तों क्या आप जानते हैं कि पूर्णिमा के व्रत में नमक खाना चाहिए या नहीं , यदि आपको इसके बारे में जानकारी नहीं है, तथा इसके बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए इच्छुक हैं, तो आज की इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको इस विषय के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं।

इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं, कि पूर्णिमा के व्रत में नमक खाना चाहिए या नहीं, इसके अलावा हम आपको इस विषय से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी इस पोस्ट में शेयर करने वाले हैं। तो ऐसे में आज का यह पोस्ट आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाला है, तो इसको अंत तक जरूर पढ़िए।

पूर्णिमा के व्रत में नमक खाना चाहिए या नहीं

अगर दोस्तों बात की जाएगी पूर्णिमा के व्रत में नमक खाना चाहिए या नहीं, तो आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं कि आपको पूर्णिमा के व्रत में नमक नहीं खाना चाहिए, यदि आप नमक कहना चाहते हैं तो आप सिंधा नमक खा सकते हैं।

इसके अलावा पूर्णिमा के व्रत के दिन आप फल, दूध इसके अलावा एक टाइम का खाना खा सकते हैं।

पूर्णिमा के व्रत में नमक खाना चाहिए या नहीं

पूर्णिमा का व्रत क्या होता है?

दोस्तों पूर्णिमा शुक्ल पक्ष का अंतिम दिन होता है, इसके बाद कृष्ण पक्ष की शुरुआत हो जाती है। शास्त्रों के अंतर्गत पूर्णिमा के व्रत को काफी ज्यादा महत्व दिया गया है, पूर्णिमा के दिन भगवान लक्ष्मी नारायण के अलावा चंद्रमा की पूजा की जाती है इसके अलावा यह भी मान्यता है, कि पूर्णिमा के व्रत से आपकी मानसिकता कष्टों से मुक्ति मिलती है।

हिंदू धर्म के अंतर्गत इस पूर्णिमा के व्रत का काफी बड़ा महत्व है, लगभग हर महिला के द्वारा इस व्रत को रखा जाता है, तथा यह व्रत पूर्णिमा के दिन होता है, इसीलिए इसे पूर्णिमा का व्रत कहा जाता है।

पूर्णिमा के व्रत में क्या किया जाता है?

दोस्तों पूर्णिमा के व्रत की शुरुआत सुबह स्नान के साथ की जाती है, जिसमें व्रत करने वाली महिला स्नान के साथ अपने वृत को प्रारंभ करती है। इसके अलावा महिला पूरे दिन भर कोई भी खाना नहीं खाती है, हालांकि इसमें फल इसके अलावा अन्य कुछ चीजें खाने की छूट होती है। उसके बाद श्याम के समय चंद्रमा के दर्शन कर इस व्रत का पारण कर दिया जाता है। पूर्णिमा के व्रत के दिन जिस महिला ने भी इस पर को किया है, उसके द्वारा सत्यनारायण व्रत की कथा का भी स्रवन किया जाता है।

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आज आपने क्या सीखा

तो आज भी इस आर्टिकल के माध्यम से आपने जाना की पूर्णिमा के व्रत में नमक खाना चाहिए या नहीं, हमने आपको इस विषय के बारे में संपूर्ण जानकारी दी है। इसके अलावा हमने आपको पूर्णिमा से जुड़ी अन्य जानकारियां भी इस पोस्ट के माध्यम से शेयर की है।

इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको इस विषय से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी को देने का प्रयास किया है। हमें उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी पसंद आई है तथा आपको इस पोस्ट के माध्यम से कुछ नया सीखने को मिला है। यदि आपको यह जानकारी पसंद आई तो, इसे सोशल मीडिया के माध्यम से आगे शेयर जरूर करें, तथा नीचे कमेंट में इस विषय के बारे में हमें अपनी राय जरूर दें।

FAQ

पूर्णिमा व्रत में क्या करना चाहिए?

शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर सुबह जल्दी उठकर उपवास करें और अपने इष्ट देव की पूजा करें। इंद्र और महालक्ष्मी की पूजा करने के बाद घी के दीपक, सुगंधित फूल आदि से उनकी पूजा करनी चाहिए। ब्राह्मणों को खीर खिलाना चाहिए और उन्हें दक्षिणा देनी चाहिए। यह व्रत विशेष रूप से लक्ष्मी प्राप्ति के लिए किया जाता है।

पूर्णिमा का व्रत कब खोला जाता है?

जो लोग ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा का व्रत रखते हैं वे प्रातः काल स्नान कर व्रत की शुरुआत करते हैं। व्रत के दिन महिलाएं फलदायी रहती हैं। शाम को चांद देखने के बाद ही व्रत खोला जाता है।

पूर्णिमा का व्रत कौन सी पूर्णिमा से शुरू करना चाहिए?

इस पर्व को महारास के नाम से जाना जाता है। यह महारास कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होकर चैत्र पूर्णिमा पर समाप्त हुआ।