भारत की पहली महिला फायर फाइटर कौन है?

भारत की पहली महिला फायर फाइटर कौन है?

नमस्कार दोस्तो, आपने अपने जीवन के अंतर्गत अक्सर फायर फाइटर के बारे में तो जरूर सुना होगा, वह आज के समय तो अनेक महिलाएं भी इस प्रोफेशन को ज्वाइन कर रही है। दोस्तों क्या आप जानते हैं कि भारत की पहली महिला फायर फाइटर कौन है, (bharat ki pahli mahila firefighter kaun hai) यदि आपको इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, तथा आप इसके बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं, तो आज की इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको इस विषय के बारे में संपूर्ण जानकारी देने वाले हैं।

इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं कि भारत की पहली महिला फायर फाइटर कौन है (bharat ki pahli mahila firefighter kaun hai), हम आपको इस विषय से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी इस पोस्ट के अंतर्गत शेयर करने वाले हैं। तो ऐसे में आज का की यह पोस्ट आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाली है, तो इसको अंत जरूर पढ़िए।

भारत की पहली महिला फायर फाइटर कौन है? (bharat ki pahli mahila firefighter kaun hai)

दोस्तों कई अलग-अलग प्रकार की परीक्षाओं के अंतर्गत प्रथम भारत की पहली महिला फायर फाइटर कौन है, से संबंधित सवाल पूछे जाते हैं, तथा वहां पर अनेक छात्रों को इस सवाल के बारे में जानकारी नहीं होती है। यदि दोस्तों आपको भी इस विषय के बारे में कोई जानकारी नहीं है, तो आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं कि भारत की पहली महिला फायर फाइटर का नाम “हर्षिनी कान्हेकर” है। फायर फाइटर एक बहुत ही मुश्किल जॉब मानी जाती है तथा इसको करने के लिए किसी भी व्यक्ति के अंतर्गत काफी हिम्मत होनी जरूरी है। तो इसी के बीच हर्षिनी कण्हेकर ने भारत की पहली महिला फायर फाइटर बनकर इतिहास रच दिया है, तथा इससे महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए काफी प्रेरणा मिली है।

Harshini Kanhekar Biography in Hindi | हर्षिनी कान्हेकर का जीवन परिचय

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Name Harshini Kanhekar
Real Name Harshini Kanhekar
Nickname Harshini
Profession Fire Fighter
Religion Hindu
Educational Qualification Bachelors in Science, MBA, Fire Engineering Course
School CDO MERI High School, Nashik
College Lady Amritabai Daga College and National fire service college, Nagpur.
Hobbies Reading Books, Social Service
Hometown Nagpur, Maharashtra, India
Nationality Indian
Married Yes
Husband Name Pranish Urankar
Current City Mumbai, Maharashtra, India

हर्षिनी कान्हेकर का जन्म और पालन-पोषण नागपुर, महाराष्ट्र, भारत में हुआ था। उन्होंने सीडीओ मैरी एक्सटेंसिव स्कूल, नासिक में पढ़ाई की और बाद में उन्होंने महिला अमृताबाई डागा कॉलेज से विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। वह अपने स्कूल के दिनों में राष्ट्रव्यापी कैडेट कोर का हिस्सा थीं और उन्होंने कई प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने MBA कोर्स ज्वाइन किया.

वह वर्दी पहनना चाहती थी और उसने फायर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए आवेदन किया था। उसे पसंद करने के लिए एक नाम मिलेगा। हर्षिनी नागपुर स्थित राष्ट्रव्यापी चुल्हा सेवा कॉलेज में प्रवेश पाने वाली पहली महिला हैं। वह भारत में फायर फाइटर बनने वाली पहली लड़की हैं। 2006 में, वह गुजरात में मेहसाणा फायरप्लेस स्टेशन में शामिल हुईं, जो देश भर में दूसरी सबसे बड़ी ऑनशोर मैन्युफैक्चरिंग ऑयल एंड फ्यूल कंपनी है। हर्षिनी एक कुशल बाइकर भी है जिसने क्रिसमस पर अपने बाइकर दोस्त प्रणीश उरंकर से शादी की। उन्होंने लेह लद्दाख और कारगिल में दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क, खारदुंग ला क्रॉस की यात्रा की।

फायर फाइटर किन्हें कहा जाता है?

यदि दोस्तों आपके मन में भी यह सवाल है कि फायर फाइटर किन्हें कहा जाता है तो आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूंगी फायर फाइटर उन कर्मचारियों को कहा जाता है, जो अनियंत्रित आपको बचाने या फिर अनियंत्रित आग पर काबू करने का कार्य करते हैं तथा उन्हें बुझाने का प्रयास करते हैं, ताकि उस से लोगों को तथा देश की संपत्ति को कोई भी नुकसान ना हो। इसको अगर आसान भाषा के अंतर्गत कहा जाए तो अनियंत्रित आग बुझाने वाले कर्मचारियों को वही फायर फाइटर कहा जाता है। इसमें यदि सी भी जगह पर आग लग जाती है तथा उस पर काबू पाना मुश्किल हो जाता है, तो ऐसी स्थिति के अंतर्गत फायर फाइटर के कर्मचारियों के द्वारा उस आग पर काबू पाया जाता है। इन कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए एक स्पेशल ट्रेनिंग दी जाती है, तो ऐसे में इनके द्वारा आग पर काबू पाना आम लोगों की तुलना में काफी ज्यादा आसान होता है।

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फायर फाइटर का क्या कार्य होता है?

दोस्तों फायर फाइटर के अंतर्गत अलग-अलग कर्मचारियों की अलग-अलग टीम बनाई जाती है, तथा एक टीम के अंतर्गत एक पिक सरिया आता है, तथा उस एरिया के अंतर्गत यदि कोई भी आग लग जाती है, तो उसको बुझाने का कार्य उस फायर फाइटर के कर्मचारियों की टीम के द्वारा किया जाता है। इसके अंतर्गत सभी कर्मचारियों को अलग-अलग प्रकार के हथियारों की सुविधा भी दी जाती है जो उनकी आग को बुझाने में काफी सहायता करते हैं।

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आज आपने क्या सीखा

तो आज की इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको बताया कि भारत की पहली महिला फाइटर कौन है, (bharat ki pahli mahila firefighter kaun hai) हमने आपको इस पोस्ट के अंतर्गत के विषय से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी को देने का प्रयास किया है। इसके अलावा हमने आपके साथ इस पोस्ट के अंतर्गत firefighter से जुड़ी कुछ अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां भी शेयर की है, जैसे कि फायर फाइटर कौन होता है, एक फाइल फाइटर का क्या कार्य होता है, तथा भारत की पहली महिला फाइटर का नाम क्या है।

आज की इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको इस विषय से जुड़ी लगभग हर एक जानकारी को देने का प्रयास किया है। हमें उम्मीद है कि आपको हमारे द्वारा दी गई यह इंफॉर्मेशन पसंद आई है, तथा आपको इस पोस्ट के माध्यम से कुछ नया जानने को मिला है। इस पोस्ट को सोशल मीडिया के माध्यम से आगे शेयर जरूर करें, तथा इस विषय के बारे में अपनी राय हमें नीचे कमेंट में जरूर बताएं।

FAQ

भारत की पहली महिला फायर फाइटर कौन है?

भारत की पहली महिला फायर फाइटर हर्षिनी कान्हेकर जी है।

फायरमैन में हाइट कितनी चाहिए?

बिना जूतों के फायरमैन पदों के लिए ऊंचाई 165 सेमी होनी चाहिए। इसमें अनुसूचित जनजाति के सदस्यों को 2.5 सेमी की छूट दी जाती है। शरीर का वजन 48 से 50 किलो तक होना चाहिए। छाती का आकार बिना विस्तार के 81.5 सेमी और फुलाए जाने पर 85 सेमी अधिक होना चाहिए।

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Harshini Kanhekar

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