भारत का राष्ट्रीय गीत कौन सा है?

भारत का राष्ट्रीय गीत कौन सा है?

नमस्कार, मित्रों दोस्तों भारत का राष्ट्रीय गीत अपने आप में एक अलग महत्व रखता है। यह मूल रूप से इतना सुंदर है कि कोई भी व्यक्ति को इस गीत को समझ सकता है वह इस गीत को गाए बिना नहीं रह सकता है। लेकिन आज के समय के माहौल में हमें भारत के राष्ट्रीय गीत के संबंध में कई उटपटांग बातें सुनने को मिलती है।

उन सब को किनारे करते हुए आज हम आपको बताएंगे कि भारत का राष्ट्रीय गीत कौन सा है, और Bharat ka rashtriya geet kisne likha. तो चलिए शुरू करते हैं

भारत का राष्ट्रीय गीत कौन सा है? | Bharat ka rashtriya geet kaun sa hai?

मित्रों, भारत का राष्ट्रगीत वंदे मातरम है। कुछ लोगों को राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान में फर्क मालूम नहीं होता, इसलिए उन्हें लगता है कि “जन गण मन” भारत का राष्ट्रगीत है। लेकिन ऐसा नहीं है, यह भारत का राष्ट्रगान है।

भारत के राष्ट्रीय गीत का शीर्षक “वंदे मातरम” है। आमतौर पर वंदे मातरम को गाने में 65 सेकंड का समय लगता है, और यह गीत आनंद मठ में अंतर्निहित साहित्य के रूप में प्रकट हुआ है। ऐसा कहा जाता है कि भवानंद नमक एक सन्यासी ने इस उपन्यास में इस गीत को गया है।

इस गीत की धुन को यदुनाथ भट्टाचार्य के द्वारा बनाया गया है। सन 2003 में बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के द्वारा आयोजित की गई एक अंतरराष्ट्रीय सर्वेक्षण में इस गीत को विश्व के टॉप टेन सबसे बेहतरीन गीतों के तौर पर चुना गया है। वंदे मातरम शीर्षक टॉप टेन गीतों में दूसरे स्थान पर आया था।

भारत का राष्ट्रीय गीत किसने लिखा है? | Bharat ka rashtriya geet kisne likha?

वंदे मातरम गीत मूल रूप से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखा गया था। बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय बांग्ला भाषा के सबसे फेमस उपन्यास का अर्थ है। वे एक कवि और गद्य रचियता भी थे, पेशे से पत्रकार भी थे।

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सबसे प्रमुख रचना “वंदे मातरम” गीत के लिए जाना जाता है। साथ ही साथ उनका यह गीत भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान क्रांतिकारियों का प्रेरणा स्त्रोत भी बना था।

बांग्ला साहित्यकारों में उनका स्थान सबसे ऊंचा माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि आधुनिक युग में बांग्ला साहित्य के उत्थान में 19वीं सदी के मध्य राजा राममोहन राय, ईश्वर चंद्र विद्यासागर, प्यारी चांद तथा माइकल मधुसूदन दत्त ने बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और रविंद्र नाथ टैगोर जिन्हें रविंद्र नाथ ठाकुर के नाम से भी जाना जाता है, उनके साथ मिलकर भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अपनी अहम भूमिका निभाई।

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से पहले बांग्ला साहित्यकार मूल रूप से संस्कृत और अंग्रेजी में लिखना पसंद करते थे।

भारत का राष्ट्रीय गीत कब लिखा गया?

Bharat ka rashtriya geet kaun sa hai?

सन 1882 में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय वंदे मातरम गीत की रचना की थी। यह संस्कृत और बांग्ला मैसेज गीत था, जिसे आनंदमठ के अंतर्निहित गीत के रूप में प्रकट किया गया। हालांकि बांग्ला भाषा में वंदे मातरम को “बंदे मातरम” कहा गया था। लेकिन संस्कृत और हिंदी में इसे वंदे मातरम ही कहा गया है। बांग्ला लिपि में लिखा गया यह गीत सन 1882 में “बंदे मातरम” के शीर्षक से प्रकाशित किया गया था।

वंदे मातरम का पूरा गीत क्या है?

वंदे मातरम का पूरा गीत कुछ इस प्रकार है:-

“वन्दे मातरम्

सुजलां सुफलाम् मलयजशीतलाम्, शस्यश्यामलाम् मातरम्।

 

शुभ्रज्योत्स्नापुलकितयामिनीम् फुल्लकुसुमितद्रुमदलशोभिनीम्

सुहासिनीं सुमधुर भाषिणीम् सुखदां वरदां मातरम्॥

 

कोटि कोटि-कण्ठ-कल-कल-निनाद-कराले कोटि-कोटि-भुजैर्धृत-खरकरवाले,

अबला केन मा एत बले।

बहुबलधारिणीं नमामि तारिणीं रिपुदलवारिणीं मातरम्॥

 

तुमि विद्या, तुमि धर्म, तुमि हृदि, तुमि मर्म

त्वम् हि प्राणा: शरीरे , बाहुते तुमि मा शक्ति,

हृदये तुमि मा भक्ति, तोमारई प्रतिमा गडी मन्दिरे-मन्दिरे॥

 

त्वम् हि दुर्गा दशप्रहरणधारिणी , कमला कमलदलविहारिणी

वाणी विद्यादायिनी, नमामि त्वाम्

नमामि कमलाम्, अमलां अतुलाम्

सुजलां सुफलाम्, मातरम्॥

 

वन्दे मातरम्, श्यामलाम् सरलाम्

सुस्मिताम् भूषिताम्, धरणीं भरणीं मातरम्॥

भारत का राष्ट्रगीत सबसे पहले किसने गाया?

वंदे मातरम का गीत सबसे पहली बार भवानंद नाम के सन्यासी द्वारा गाया गया था जोकि आनंद मठ में रहता था।

भारत के राष्ट्रीय गीत का महत्व क्या है?

भारत के राष्ट्रीय गीत का महत्व काफी अधिक है।  यह गीत भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए नजर आया। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रीय गीत ने जो उस समय राष्ट्रीय गीत के तौर पर उपाधि प्राप्त नहीं कर चुका था।

इस गीत ने उस समय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारियों में देशभक्ति की भावना को कूट कूट कर भरना का काम किया था। जब भी क्रांतिकारियों का मनोबल होते नजर आता था, तब यह गीत उनमें मनोबल के साथ साथ देश के प्रति अपना समर्पण भाव जगाने के काम में आता था।

वंदे मातरम का गीत गाकर भारत में सभी धर्म और पंथ के लोगों ने एक साथ अंग्रेजों से लड़ाई लड़ी। लेकिन एक समय पश्चात मुस्लिम लीग ने इस राष्ट्रगीत को मुस्लिम विरोधी बता दिया, और इसकी घोषणा मुस्लिम कट्टरपंथी मौलानाओं के द्वारा की गई। साथ ही साथ इस गीत के निर्माता अर्थात बंकिमचंद्र उपाध्याय को मुसलमान समाज के द्वारा मुस्लिम विरोधी घोषित किया गया।

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निष्कर्ष

आज के लेख में हमने आपको बताया कि भारत का राष्ट्रीय गीत कौन सा है, और Bharat ka rashtriya geet kisne likha? इसके अलावा हमने आपको भारत का राष्ट्रीय गीत का महत्व क्या है इसके बारे में भी बताया था।

हम आशा करते हैं कि आज का यह लेख आपके लिए काफी ज्ञानवर्धक रहा होगा। यदि आप कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो कॉमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं।

FAQ

भारत का राष्ट्रीय गीत क्या है और किसने लिखा?

जन गण मन भारत का राष्ट्रगान है जो मूल रूप से गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा बंगाली में लिखा गया है। भारत का राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम है। राष्ट्रगान के गायन की अवधि लगभग 52 सेकंड है।

राष्ट्रगान कौन सी भाषा है?

भारत के राष्ट्रगान की पंक्तियाँ रवींद्रनाथ टैगोर के गीत ‘भारतो भाग्य बिधाता’ से ली गई हैं। मूल बांग्ला में लिखा गया था और पूरे गीत में 5 छंद हैं।

राष्ट्रगान पहली बार कब?

इसका शीर्षक ‘भारत विधाता’ था। 4. पहली बार गायन: इसे पहली बार कांग्रेस के कलकत्ता (अब कोलकाता) अधिवेशन में 27 दिसंबर 1911 को बंगाली और हिंदी दोनों भाषाओं में गाया गया था। आर्थिक-सामाजिक दृष्टिकोण से परिपूर्ण इस राष्ट्रगान में साम्प्रदायिक सौहार्द झलकता है।

वंदे मातरम् का गायन समय कितना है?

बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ एक बहुत लंबी रचना है, जिसमें मां दुर्गा की शक्ति का भी उल्लेख है, लेकिन पहले अंतर के साथ इसे आधिकारिक गीत के रूप में मान्यता दी गई है और इसे राष्ट्रगान का दर्जा दिया गया है, न केवल इसकी धुन लेकिन साथ ही गाने की अवधि संविधान सभा द्वारा तय की जाती है, जो कि 52 सेकंड है।