भारत का राष्ट्रीय सब्जी क्या है? वैज्ञानिक नाम, और फायदे

भारत का राष्ट्रीय सब्जी क्या है? वैज्ञानिक नाम, और फायदे

मित्रों, क्या आप जानते हैं कि आज के समय हमारे पास भारत का राष्ट्रीय पेड़ है, भारत का राष्ट्रीय पशु है, भारत का राष्ट्रीय पक्षी भी है, और भारत की राष्ट्रीय नदी भी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे पास भारत की राष्ट्रीय सब्जी भी है? जी हां। हमारे पास भारत की राष्ट्रीय सब्जी उपलब्ध है

लेकिन क्या आप जानते हैं कि Bharat ka rashtriya sabji kya hai? यदि आप नहीं जानते तो कोई बात नहीं क्यूंकि आज के इस लेख में हम आपको बताएंगे कि Bharat ka rashtriya sabji kya hai, और उसको उगाने के लिए कैसा वातावरण चाहिए। इसके अलावा राष्ट्रीय सब्जी को उगाने लिए जलवायु क्या होनी चाहिए इन सब के बारे में विस्तार से जानेंगे। तो चलिए शुरू करते हैं

भारत का राष्ट्रीय सब्जी क्या है? | Bharat ka rashtriya sabji kya hai

भारत का राष्ट्रीय सब्जीकद्दू” (Pumpkin) है। कद्दू को विभिन्न नामों से जाना जाता है। कद्दू को कुम्हड़ा, काशीफल, मीठा कद्दू, पंपकिन, द्विबीजपत्री आदि नामों से जाना जाता है। भारत की कई जगहों में कद्दू को गोल लौकी के नाम से भी जाना जाता है।

यह एक प्रकार से गोल सब्जी होती है, जिसका आकार काफी बड़ा होता है। इसके रंग भी स्थानों के आधार पर बदल जाते हैं, जैसे कि कभी यह बिल्कुल नारंगी रंग का पाया जाता है, कई स्थानों पर यह हरे रंग का, लगभग काले रंग का, और गहरे भूरे रंग का भी पाया जाता है। भारत में आम तौर पर इसकी नारंगी तथा हरे रंग की किस्म पाई जाती है।

ऐसा माना जाता है कि कद्दू के बीज खाने से अकल आती हैं, और दिमाग तेजी से काम करता है, कद्दू एक स्वास्थ्यवर्धक सब्जी है, जिससे कई लोग कच्चा भी खाते हैं। कद्दू के माध्यम से कई प्रकार की मिठाइयां भी बनती है। इसकी सब्जियां राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु इन सभी स्थानों पर सबसे ज्यादा खाई जाती है।

कद्दू का वैज्ञानिक नाम | Pumpkin ka Vaigyanik Naam kya hai

Bharat ka rashtriya sabji kya hai

कद्दू का अंग्रेजी नाम पंपकिन हैं,, इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कुकुर्बिता (Cucurbita) नाम दिया गया है। यह आमतौर पर उन लोगों के लिए सर्वाधिक उपयुक्त होती है जिन्हें कब्ज की शिकायत होती है, या जिनके गुर्दे में पथरी होती है, जिन्हें रक्तवसा यानी कि कोलेस्ट्रोल की बीमारी होती है, और मधुमेह की बीमारी वाले लोगों के लिए भी कद्दू का सब्जी एक रामबाण उपाय होती है।

राजस्थान, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र तथा उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में कद्दू को सर्वाधिक मात्रा में ग्रासित किया जाता है। क्योंकि इसकी सब्जी में तेल मिर्ची और मसाले सामान्य से अधिक मात्रा में डाले जाते हैं, जिसके कारण यह काफी चटपटी सब्जी बनती है।

जिसका स्वाद भी काफी अच्छा होता है, यदि किसी व्यक्ति को आप ऐसा कहते सुन ले कि उसे कद्दू की सब्जी पसंद नहीं है तो इसका अर्थ यह होगा कि उसने अपने जीवन में कभी भी सही ढंग से बनी कद्दू की सब्जी नहीं खाई होगी।

कद्दू के लिए वातावरण | कद्दू के लिए जलवायु

भारत की राष्ट्रीय सब्जी जिसे कद्दू के नाम से भी जाना जाता है, इसकी खेती करने के लिए गर्मी की आवश्यकता होती है। यह आमतौर पर सर्दियों में भी पाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए शीतोष्ण या समशीतोष्ण जलवायु अच्छी होती है।

लेकिन गर्मी का मौसम इसके लिए सर्वाधिक उपयुक्त होता है। कद्दू की फसलें गर्मी के मौसम में जहां 5 महीने में ही तैयार हो जाती है। वहीं से शीतोष्ण है या समशीतोष्ण जलवायु में फलने फूलने के लिए तकरीबन 7 से 9 महीने का समय लग जाता है।

पाले का समय कद्दू के लिए सबसे खतरनाक होता है। यदि आप कद्दू की खेती करते हैं तो आपको अपनी कद्दू की फसलों को किसी भी प्रकार से पाली से बचाने का उपाय करना चाहिए, अन्यथा आपकी पूरी फसल नष्ट हो सकती है या उसमें कीड़े पड़ सकते है।

कद्दू के लिए आमतौर पर 2 दोमट या बलुई मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है, तथा ऐसी जमीन जहां उर्वरकों की मात्रा सामान्य से अधिक होती है, वहां पर कभी भी कद्दू की खेती नहीं करनी चाहिए।

क्योंकि इससे उत्पन्न हुए कद्दू विषाक्त गुणों वाले हो सकते हैं, कद्दू के बीज डालने के लिए कभी भी जमीन को ज्यादा नहीं खोजना पड़ता है। क्योंकि इसकी बेल पत्रिका होती है जहां पर कद्दू लगते हैं कद्दू कभी भी पेड़ पर नहीं लगते है।

कद्दू के उपयोग कद्दू के फायदे

कद्दू के कई सारे उपयोग है व इसको खाने के भी कई सारे फायदे हैं आइए विस्तार से जानते है

  • कद्दू का उपयोग पथरी से ग्रसित व्यक्ति के इलाज के लिए किया जाता है। कद्दू के रस से पथरी में फायदा मिलता है।
  • कद्दू खाने से दिल की बीमारी नहीं होती यह बहुत ही कम संभावना बचती है।
  • कब्ज की बीमारी दूर करने के लिए कद्दू की सब्जी खानी चाहिए।
  • कोलेस्ट्रोल दूर करने के लिए कम चटपटी कद्दू की सब्जी खानी चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं के लिए गर्भावस्था के दौरान कद्दू की सब्जी उत्तम होती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को दूर करने के लिए कद्दू की सब्जी खानी चाहिए।
  • अल्सर जैसी बीमारियों को दूर करने के लिए कद्दू की सब्जी खानी चाहिए।
  • यदि आपके बाल झड़ते हैं तो उन्हें रोकने के लिए आप को नियमित रूप से कद्दू की सब्जी खानी चाहिए।
  • यदि आपको डायबिटीज की बीमारी है तो आपको बिना मीठा डाले कद्दू की सब्जी खानी चाहिए। हालांकि कद्दू में खुद से एक मीठा पन होता है लेकिन यह मीठा पर डायबिटीज पेशेंट को नकारात्मक रूप से प्रभावित नहीं करता है।

भारत की राष्ट्रीय सब्जी खाने वाला सबसे बड़ा प्रदेश

यदि हम भारत राष्ट्र के उन प्रदेशों की बात करें जिनमें कद्दू का सेवन सर्वाधिक किया जाता है तो उनमें मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, राजस्थान, बिहार, उड़ीसा, इन सब का नाम शामिल किया जा सकता है। हालांकि इन सभी प्रदेशों में कद्दू की विभिन्न प्रजातियां होती है जिनका इस्तेमाल सब्जी बनाने में फलों के निर्माण में, मिठाइयों के निर्माण में इत्यादि में किया जाता है।

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निष्कर्ष

आज के लेख में हमने जाना कि Bharat ka rashtriya sabji kya hai? इसके अलावा हमने आपको कद्दू के बारे में अनेक जानकारी दी।

हम आशा करते हैं कि आप समझ चुके होंगे कि भारत की राष्ट्रीय सब्जी कौन सी है यदि आपके मन में कोई सवाल है तो आप हमसे कॉमेंट बॉक्स में कॉमेंट कर के पूछ सकते हैं।

FAQ

राष्ट्रीय सब्जी कद्दू क्यों है?

अधिकांश फल, हालांकि विटामिन से भरपूर होते हैं, ज्यादातर मोनोसेकेराइड और डिसैकराइड जैसे ग्लूकोज, फ्रुक्टोज और सुक्रोज से बने होते हैं। इस वजह से फलों में एक खास मिठास होती है और ज्यादातर सब्जियां हल्की होती हैं।

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