भारत का राष्ट्रीय फूल कौन सा है? उपयोग, और महत्व

दोस्तों, आपने कई बार सुना होगा कि भारत की राष्ट्रीय निशानियों को सम्मान देना सभी भारतीयों का कर्तव्य होता है। यह बात अलग है कि आज के समय सभी लोगों को कर्तव्य से ज्यादा अधिकारों में दिलचस्पी है। लेकिन फिर भी भारत की राष्ट्रीय निशानियां सम्माननीय है, उसी प्रकार भारत का राष्ट्रीय फूल भी सम्मान के काबिल है।

क्या आप जानते हैं कि Bharat ka rashtriya phool kaun sa hai ? यदि आप नहीं जानते तो कोई बात नहीं, क्योंकि आज के लेख में हम आपको बताने वाले हैं कि Bharat ka rashtriya phool kaun sa hai, उस फूल के लिए आवश्यक जलवायु कौन सी है, राष्ट्रीय फूल के फायदे क्या है, तथा राष्ट्रीय फूल के उपयोग क्या है तो चलिए शुरू करते हैं

भारत का राष्ट्रीय फूल कौन सा है? | Bharat ka rashtriya phool kaun sa hai?

मित्रों, भारत के राष्ट्रीय फूल का नाम “कमल” का फूल है। कमल का फूल आमतौर पर पूरे विश्व में हर जगह मिल जाता है। हालांकि यह उस जगह ज्यादा मिलता है जहां पानी की मात्रा ज्यादा होती है।

जिससे की झील, तालाब, पानी का गड्ढा, या नहर तथा  लंबे समय से जमे हुए कीचड़ में भी यह आसानी से मिल जाता है। आमतौर पर जब भी कमल पाया जाता है तो यह लाल रंग का सफेद रंग का तथा नीले रंग का मिलता है।

कहीं-कहीं पर यह पीले रंग नदी मिल जाता है। लेकिन  कमल के पुष्प आमतौर पर पानी से तकरीबन  5 से 6 उंगली ऊपर ही नजर आते हैं। इसकी पत्तियां काफी बड़ी बड़ी और गोलाकार होती है। यह काफी हल्का होता है। इसकी पत्तियां काफी नरम होती है।

यह आमतौर पर ठंड में या ठंडे मौसम में लगने वाला पुष्प होता है, अर्थात या तो यह सर्दियों के मौसम में लगता है, या ठंडे मौसम जैसे कि बरसात के दिनों में लगता है। कमल का पुष्प आमतौर पर सुबह के समय खिलता हुआ नजर आता है।

कमल का वैज्ञानिक नाम | Kamal ka Vaigyanik Naam kya hai

bharat ka rashtriya phool kaun sa hai

दोस्तों, कमल को अंग्रेजी में “लोटस” (Lotus) के नाम से जाना जाता है। यह भारत का राष्ट्रीय पुष्प है तथा  कमल का वैज्ञानिक नाम Nelumbo Nucifera है। यह पुष्प काफी सुंदर नजर आता है और इसमें अत्यंत ही तेज खुशबू की आती है। यह आमतौर पर उस पानीयुक्त जगह पर  उगता है, जहां लंबे समय से पानी  एकत्र होता है।

कमल के लिए आवश्यक जलवायु 

कमल मूल रूप से ठंड में खेलने वाला पुष्प है, इसके लिए शीतोष्ण कटिबंधीय जलवायु होना आवश्यक है। अर्थात  या तो यह दिसंबर से लेकर फरवरी के महीने के बीच में कभी भी हो सकता है, इसके अलावा किसी भी ठंडे स्थान पर यह पुष्पा उगता हुआ नजर आ सकता है।

कमल का पुष्प बरसात के दिनों में जमा हुए पानी पर भी  उगता हुआ नजर आ सकता है। बरसात के मौसम काफी ठंडा हो जाता है, जिसके कारण कमल के पुष्प को उगने के लिए पर्याप्त और आवश्यक जलवायु मिल जाती है।

कमल के उपयोग क्या है? | Use of Lotus

मित्रों कमल का पुष्प भारत का राष्ट्रीय पुष्प है। इस आधार पर हम यह कह सकते हैं कि कमल का पुष्प अनुपयोगी तो बिल्कुल भी नहीं है।

कमल के कई सारे उपयोग हैं, लेकिन हम आपको इसके कुछ ऐसे प्रमुख उपयोग बताएंगे जिन्हें जानकर आप यह समझ सकते हैं कि कमल को राष्ट्रीय पुष्प क्यों कहा गया है-

  • कमल के उपयोग से सफेद बालों की समस्या का निदान किया जा सकता है।
  • कमल के पुष्प के औषधि से उल्टी-दस्त पर रोक लग सकती है।
  • सरदर्द में कमल का पुष्प काफी फायदेमंद होता है।
  • गंजेपन की समस्या से कमल का पुष्प हमें बचाता है।
  • आंखों की बीमारी में भी कमल का पुष्प में फायदेमंद होता है।
  • दांतों के रोग में और खांसी के इलाज में भी कमल का पुष्प फायदेमंद होता है।
  • गुप्तांग के संबंधित रोग में कमल का पुष्प फायदेमंद होता है।
  • पेशाब की जलन में और गुप्तांग में होने वाले दर्द में कमल का पुष्प फायदेमंद होता है।
  • मौसमी बुखार में कमल का पुष्प अत्यंत उपचार ई होता है।
  • कमल के पुष्प का उपयोग पेचिश के इलाज में भी किया जाता है।
  • खूनी बवासीर तथा गर्भपात को रोकने के लिए भी कमल का पुष्प फायदेमंद होता है
  • गर्भधारण को रोकने में कमल का पुष्प फायदेमंद होता है।
  • योनि से बदबू आने की समस्या कमल के पुष्प उसे दूर की जा सकती है
  • बचा रोग में कमल फायदेमंद होता है।
  • नाक आंख से खून आने की समस्या का निदान कमल के पुष्प से किया जा सकता है।
  • दिल की बीमारी को दूर करने में कमल का पुष्प सहायता करता है।
  • पेट संबंधी रोग के लिए कमल का पुष्प फायदेमंद होता है।
  • सांप का जहर उतारने में भी कमल का उपयोग किया जाता है।

भारतीय संस्कृति में कमल का महत्व

भारतीय संस्कृति में कमल का पुष्प अपना महत्व रखता है, और यह पुष्प सभी पुश्पोंन की तुलना में अत्यंत बड़ा तथा सुंदर प्रतीत होता है। इसकी खुशबू मनमोहक होती है यह पुष्प मां लक्ष्मी, व माता सरस्वती का विराजमान स्थान भी माना जाता है। हिंदू धर्म ग्रंथों में कमल का महत्व किसी भी अन्य पुष्प की तुलना में सर्वाधिक बताया गया है।

साथ ही साथ भारतीय संस्कृति में कमल का पुष्प अपने विभिन्न प्रकार के रंगों की वजह से आकर्षण का केंद्र बनता है। कमल के पुष्प को राष्ट्रीय पुष्प की उपाधि इस लिए दी गई है क्योंकि कमल का पुष्प कीचड़ में गिरकर भी कीचड़ को अपने ऊपर हावी नहीं होने देता है।

यह एक प्रकार से मानव समाज को प्रगतिशील, संवेदनशील, अपने कार्य के प्रति एकाग्रचित्त, मन से साफ़ बने रहने का संदेश भी रहता है। इसी कारण भारतीय संस्कृति में कमल अत्यधिक महत्वपूर्ण है और इसी कारण इसे राष्ट्रीय पुष्प की उपाधि दी गई है।

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निष्कर्ष

दोस्तों, आज के लेख में हमने आपको बताया कि Bharat ka rashtriya phool kaun sa hai? उसका वैज्ञानिक नाम कौन सा है, उसके लिए आवश्यक जलवायु तथा उसके उपयोग के बारे में हमने आपको पूरी जानकारी प्रदान की है।

हम आशा करते हैं कि आप समझ चुके होंगे कि भारत का राष्ट्रीय फूल कौन-सा है। यदि आपके मन में इस लेख से संबंधित कोई सवाल है तो आप हमसे कॉमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं।

FAQ

हमारा राष्ट्रीय फूल किसका प्रतीक है?

भारत का राष्ट्रीय फूल कमल का फूल बहुत ही पवित्र माना जाता है, जो पौराणिक काल से भारत में पाया जाता है। यह एक बहुक्रियाशील दवा के रूप में भी प्रयोग किया जाता है। कमल के फूल को आध्यात्मिकता, ज्ञान और पवित्रता के प्रतीक के रूप में भी जाना जाता है।

कमल के कितने नाम है?

इसे सुनेंरोकेंयह भारत का राष्ट्रीय पुष्प है। संस्कृत में इसके नाम हैं – कमल, पद्म, पंकज, पंकरुह, सरसिज, सरोज, सरोरुह, सरसीरुह, जलज, जलजात, नीरज, वारिज, अंभोरुह, अंबुज, अंभोज, अब्ज, अरविंद, नलिन, उत्पल, पुंडरीक, तामरस, इंदीवर, कुवलय, वनज आदि आदि।

कमल और कुमुदिनी में क्या अंतर है?

कमल और कुमुदिनी मेंं मूलभूत अंतर क्या है? कमल (lotus) और कुमुदिनी (lily) दोनों ही जलीय पुष्पमय पौधे हैं। कमल के फूल और पत्ते दोनों पानी की सतह से ऊपर उठते हैं, वहीं कुमुदिनी के पत्र-पुष्प जल की सतह पर ही तैरते रहते हैं। कमल का फूल एक फुट तक परिधि में हो सकता है और पानी की सतह से पाँच फीट तक उपर उठ सकता है।

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