भारत का राष्ट्रीय पक्षी कौन है? | National bird of India

भारत का राष्ट्रीय पक्षी कौन है? | National bird of India

मित्रों, अपनी खबरों में कई बार सुना होगा कि भारत के राष्ट्रीय पक्षी का शिकार करने पर कुछ लोगों को सजा मिली है। ऐसी हेडलाइंस हमारा ध्यान अपनी तरफ खींचती है, और भारत के राष्ट्रीय पक्षी का महत्व भी बताती है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि Bharat ka rashtriya pakshi कौन है? भारत के राष्ट्रीय पक्षी का महत्व क्या है? और भारत के राष्ट्रीय पक्षी का रहन सहन और जीवन कैसा होता है? यदि आप नहीं जानते तो कोई बात नहीं। क्योंकि आज के  लेख में हम आपको Bharat ka rashtriya pakshi के संबंध में अनेक जानकारी प्रदान करेंगे तो चलिए शुरू करते है-

भारत का राष्ट्रीय पक्षी कौन है? | Bharat ka rashtriya pakshi kaun sa hai? 

मित्रों, आपको जानकर खुशी होगी कि भारत का राष्ट्रीय पक्षी “मोर” है। मोर भारत में एक बड़ा और सुंदर पक्षी है। यह आमतौर पर भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश, और पाकिस्तान में पाया जाता है।

हालांकि यह वैसे तो पूरे विश्व में ही पाया जाता है, लेकिन एशिया में यह सबसे अधिक मिलता है। यह पंछी आकार में काफी बड़ा होता है, और दिखने में काफी सुंदर और मनमोहक होता है।

मोर कई रंगों के पाए जा सकते हैं, जिसमें  नीला, सफेद, पीला, हरा, बैंगनी ऐसे मोर कई बार देखने को मिलते हैं। हालांकि नीले रंग का मोर भारत के साथ-साथ श्रीलंका का भी राष्ट्रीय पक्षी है।

इसकी रंग बिरंगी पूछ होती है, तथा जब  यह  मोरनी को  रिझाने के लिए  नाचता है तब यह अत्यंत सुंदर लगता है। यह आमतौर पर बरसात के मौसम में, बसंत के मौसम में, तेज हवाओं के मौसम में  नाचते हुए दिखाई देता है।  कई देशों में हरे रंग के मोर भी पाए जाते हैं।

मोर की सुन्दरता

Bharat ka rashtriya pakshi kaun sa hai? 

मित्रों, मोर को अंग्रेजी में पीकॉक (Peacock) के नाम से जाना जाता है। और यह  पेवोनिनाए नाम के  उपकुल से आते हैं। दक्षिण-पूर्वी एशिया में हरे रंग का मोर मिल जाता है।

आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि जहां आमतौर पर मादा पंछी, नर पंछी की तुलना में काफी अधिक आकर्षक होते हैं, वही    मादा  मोर, नर मोर की तुलना में कम सुंदर होती है।

ऐसा कहा जाता है कि एक नर मोर और पक्षियों का राजा होता है। यदि आप किसी मोर को पंख फैलाकर नाचते हुए देख ले तो आपको ऐसा लगेगा जैसे इस पंछी को किसी ने राजकीय पोशाक पहनाई है।

यह रत्नों से जुड़ा हुआ पोशाक पहने हुए पंछी लगता है, साथ ही सीके सिर के ताज के तौर पर इसके  माथे पर कलंगी लगी होती है।

यह एकांत में सहवास करने वाला पंछी है। यह काफी शर्मिला होता है।  भारत सरकार ने 26 जनवरी 1963 को इसे राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया था। क्योंकि उस समय यह कौन सी जगह शिकार किया जा रहा था, इतना सुंदर पक्षी शिकार की वजह से विलुप्त के कगार पर आ गया है।

भारत के राष्ट्रीय पक्षी की विशेषताएं

मोर की कई विशेषताएं होती है जिसके कारण वह सभी पंछियों में  अलग माना जा सकता है-

  • मोर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह आकृति में बड़ा होने के पश्चात भी काफी सुंदर है।
  • तुलनात्मक रूप से गिद्ध, बाज, और गरुड़ जैसे पक्षी मोर की तुलना में कम सुंदर होते हैं, बड़े पक्षियों को आमतौर पर कम सुंदर ही देखा जाता है, लेकिन मोर अत्यधिक सुंदर होता है।
  • भारत में आमतौर पर नीले रंग के मोर पाए जाते हैं।
  • यह एकांत में सहवास करते हैं।
  • मोर का अद्भुत सौंदर्य इसके राष्ट्रपक्षी/राष्ट्रीय पक्षी बनने का कारण बना था।
  • मोर भारत के साथ-साथ श्रीलंका कभी राष्ट्रीय पक्षी है।
  • आमतौर पर मोर नर पक्षी, मादा पक्षी की तुलना में अधिक सुंदर होता है।
  • मोर को पक्षियों में राजा माना जाता है।
  • म्यांमार का राष्ट्रीय पक्षी मोर है।
  • पूरे विश्व में सबसे ज्यादा मोर भारत और श्रीलंका में पाए जाते हैं।
  • मोर मूल रूप से वन में रहने वाली जंगली प्रजाति होती है।
  • यह आमतौर पर पाले हुए मोर के तौर पर नहीं देखे जाते।
  • इनमें पालतू रहने की तरबीयत नहीं होती है।
  • मोर इतना सुंदर होता है कि यह हमेशा मानव के लिए आकर्षण का केंद्र रहा है।
  • हिंदू धर्म में पौराणिक कथाओं में मोर का जिक्र कई बार किया जाता है। भगवान शिव के पुत्र कार्तिकेय के वाहन भी एक मोर ही है।
  • राजा महाराजा मोर को पालतू बनाकर रखते थे, और जब फालतू बना कर नहीं रख सकते थे तो उनके लिए बड़े-बड़े उद्यान खोल दिए जाते थे, ताकि मोर बहा कर नाच सके।
  • सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के राज्य के सिक्के पर मोर का निशान होता था।

भारतीय संस्कृति में मोर का महत्व

भारतीय संस्कृति में मोर का अभिन्न महत्व है। भारतीय संस्कृति के अंतर्गत भगवान श्री कृष्ण अपने सिर पर मोर पंख लगाते थे, और भगवान श्री कृष्ण को मोरपंखी के नाम से जाना जाता था।

इसी के साथ पुराने समय में मोर के पंख का इस्तेमाल कलम के तौर पर किया जाता था। राजे महाराजे पुराने समय में  मोर के पंख का इस्तेमाल  कलम के रूप में करते थे।

साथ ही साथ ऐसा माना जाता है कि  प्रातःकाल या  संध्या काल में मोर के दर्शन हो जाए तो इसे शुभ माना जाता है। भारत के कुछ जडिय इलाके जिन्हें गांव के नाम से भी जाना जाता है।

वहां पर यह माना जाता है कि मोर भगवान श्री कृष्ण का रूप है और कई जगह यह माना जाता है कि मोर कामदेव का रूप है। भगवान कार्तिकेय  के वाहन का नाम परावनी है, वह भी एक मोर है भारतीय संस्कृति में मोर का महत्व अतुलनीय है।

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निष्कर्ष

आज के लेख में हमने Bharat ka rashtriya pakshi के बारे जाना। इसके अलावा उसके महत्व मे बारे में भी हमने आपको विस्तारपूर्वक जानकारी दी है। हम आशा करते हैं कि आज का यह लेख आपको पसंद आया होगा। यदि आप कोई सवाल पूछना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं।

FAQ

दुनिया का राष्ट्रीय पक्षी कौन सा है?

कीवी पक्षी जो न्यूजीलैंड में पाया जाने वाला एक पक्षी है। यह न्यूजीलैंड का राष्ट्रीय पक्षी है।

उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय पक्षी कौन सा है?

सारस को उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने राजकीय पक्षी का दर्जा दिया गया है।

सर्वश्रेष्ठ पक्षी कौन सा है?

मोर भारत का राष्ट्रीय पक्षी है और मोर की शानदार पूंछ के पंख इसे दुनिया का सबसे खूबसूरत पक्षी बनाते हैं।

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